उत्तर प्रदेशबदायूँराज्य

ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया नियंत्रण व रोकथाम को आगे आया केमिस्ट एसोसिएशन

सहसवान में दवा विक्रेताओं की अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित

सहसवान (बदायूं) : केमिस्ट एसोसिएशन और स्थानीय दवा विक्रेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया नियंत्रण और रोकथाम में बड़ी भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। इसके लिए वह डायरिया के प्रति जागरूकता की अलख जगाने के साथ ही मेडिकल स्टोर पर आने वाले डायरिया पीड़ितों या उनके परिजनों को डायरिया की शीघ्र पहचान, बचाव और ओआरएस व जिंक की महत्ता के बारे में बताएँगे। इसके अलावा स्थानीय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने का परामर्श भी देंगे। दवा विक्रेताओं ने यह संकल्प बुधवार को ब्लाक सहसवान के जहांगीराबाद में आयोजित अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यशाला में लिया। कार्यशाला का आयोजन पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत किया गया। कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में दवा विक्रेताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में 51 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस पहल से ब्लॉक सहसवान के ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया की रोकथाम एवं उचित प्रबंधन के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कार्यशाला की अध्यक्षता केमिस्ट एसोसिएशन बदायूं के अध्यक्ष अखिल रस्तोगी ने की। कार्यक्रम के आयोजन में हेमंत श्रासावत-सचिव केमिस्ट एसोसिएशन, बदायूँ, सहजी मेडिकल के सैयद तुफैल अहमद तथा फिजा मेडिकल स्टोर के हिफ्जू रहमान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में केमिस्ट समुदाय की सक्रिय भागीदारी से बच्चों में डायरिया से होने वाली जटिलताओं को रोकने तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है। कार्यशाला में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया की रोकथाम एवं शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान, डायरिया प्रबंधन में ओआरएस एवं जिंक के महत्व और उनके सही उपयोग की जानकारी, ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि एवं सुरक्षित उपयोग जैसे बिन्दुओं पर चर्चा हुई। निर्जलीकरण के जोखिम के संकेतों की पहचान तथा गंभीर स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक के पास रेफर करने आदि पर भी चर्चा हुई। ओआरएस कॉर्नर की स्थापना तथा क्यूआर कोड के माध्यम से डायरिया संबंधी जरूरी संदेशों के प्रचार-प्रसार भी बात हुई।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों एवं केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने ब्लॉक सहसवान के सभी मेडिकल स्टोर पर ओआरएस कॉर्नर एवं क्यूआर कोड को प्रमुखता से प्रदर्शित करने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि दवा विक्रेताओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता, सही परामर्श और गंभीर मामलों में समय पर रेफरल से बच्चों को डायरिया से होने वाली जटिलताओं से बचाने में मदद मिल सकती है। पीएसआई इंडिया प्रतिनिधि ने केमिस्ट एसोसिएशन, सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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