यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले कमजोर छात्रों के लिए बड़ा कदम, रोज 30 मिनट से एक घंटे तक लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। इससे पहले पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा कराने और दोहराई के लिए रोजाना 30 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त कक्षाएं दी जाएंगी। वहीं, परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए समय निकालने की सलाह दी गई है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी) में ऑनलाइन संवाद के दौरान अधिकारियों और शिक्षकों को ये निर्देश दिए।
पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने के लिए बनेगा रिवर्स टाइम टेबल
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे परीक्षाओं में बचे समय को ध्यान में रखते हुए रिवर्स टाइम टेबल तैयार करें। इससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने के साथ विद्यार्थियों को दोहराई और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव, जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्यों के कारण पढ़ाई के लिए उपलब्ध समय प्रभावित हो सकता है। ऐसे में शिक्षकों को बचे हुए समय का बेहतर इस्तेमाल करना होगा।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए कैच-अप प्लान के तहत अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही सहपाठी शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे की मदद से विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
उत्तर लिखने के तरीके और मॉडल प्रश्नपत्रों पर जोर
विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के दौरान उत्तर लिखने के तरीके पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है। उन्हें उत्तर बिंदुवार लिखने, महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित करने और जरूरत के अनुसार चार्ट, ग्राफ व चित्रों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों और पुराने प्रश्नपत्रों से अभ्यास करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के निर्धारित समय में प्रश्नपत्र हल करने की आदत विकसित करने के लिए ढाई से तीन घंटे के मॉक टेस्ट देने की भी सलाह दी गई है।
परीक्षा के तनाव से बचाने के लिए खेलकूद जरूरी
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की मानसिक सेहत पर भी ध्यान देने को कहा है। परीक्षा की तैयारी के दौरान बच्चों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए समय निकालने की सलाह दी गई है। वहीं, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों पर अच्छे अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न बनाएं। पढ़ाई के साथ पर्याप्त आराम और तनावमुक्त माहौल बनाए रखना भी जरूरी बताया गया है।
बालवाटिका से कक्षा पांच तक होगा बुनियादी शिक्षा का आकलन
निपुण भारत मिशन के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान का आकलन अब बालवाटिका से कक्षा पांच तक किया जाएगा। इसके लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच आयोजित होगा। इस प्रक्रिया के जरिए बच्चों की बुनियादी शैक्षिक क्षमताओं का आकलन किया जाएगा।
प्रयोगशालाओं और स्मार्ट कक्षाओं के इस्तेमाल के निर्देश
विद्यालयों में पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्मार्ट कक्षाओं और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रयोगशालाओं का नियमित इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया है।
एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन भी किया जाएगा, ताकि पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर हो सके और विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण का लाभ मिल पाए।
शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी
प्रदेश में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11 हजार शिक्षकों और माध्यमिक व सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी), प्रवक्ता (पीजीटी) और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल को रिक्त पदों का आकलन करने और 31 मई तक संबंधित आयोग को भर्ती का अधियाचन भेजने की व्यवस्था अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य रिक्त पदों की पहचान और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
पीएम पोषण योजना में बच्चों को मिलेगा गर्म हलवा और उपमा
पीएम पोषण योजना के तहत कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को नवंबर से अगले 14 सप्ताह तक पूरक पोषण के रूप में गर्म हलवा और उपमा दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत भोजन में अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। योजना के अंतर्गत भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।



