
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम तहसील में पटवारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन से तहसील में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर उन किसानों और आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है, जिन्हें जमीन से जुड़े कार्यों के लिए पटवारी की रिपोर्ट की जरूरत पड़ती है।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
पटवारियों की प्रमुख मांगों में पीवी ऐप पर किए जाने वाले कार्यों का बहिष्कार, निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई बिना शर्त वापस लेना, वेतन विसंगति दूर करना और राजस्व निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति शामिल हैं।
संघ का कहना है कि इन मांगों को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसी के विरोध में पटवारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है।
नामांतरण और सीमांकन जैसे काम हो सकते हैं प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल का असर जमीन से जुड़े सरकारी कामकाज पर पड़ सकता है। नामांतरण, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे कार्यों के लिए पटवारी की रिपोर्ट और प्रक्रिया में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में हड़ताल जारी रहने पर इन कामों में देरी हो सकती है।
इससे किसानों के साथ उन आम नागरिकों को भी इंतजार करना पड़ सकता है, जिन्हें भूमि संबंधी दस्तावेजों और राजस्व सेवाओं की जरूरत है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
राजस्व पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। अब प्रशासन के सामने आंदोलन का समाधान निकालने और राजस्व व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की चुनौती है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो भोपालपट्टनम तहसील में जमीन से जुड़े कामों का निपटारा प्रभावित हो सकता है।



