भोपाल में सफाई व्यवस्था सुधारने खुद मैदान में उतरे कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर के साथ थामी झाड़ू

भोपाल: सफाई कर्मचारियों की तीन दिन से जारी हड़ताल खत्म होने के बाद भोपाल में स्वच्छता व्यवस्था को सामान्य करने की कवायद तेज हो गई है। दीपावली से पहले शहर में सफाई का काम तेजी से पूरा कराने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त खुद मैदान में उतर आए। अधिकारियों ने शहर के 10 नंबर मार्केट समेत कई प्रमुख इलाकों का पैदल निरीक्षण किया और हाथों में झाड़ू लेकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया।
कलेक्टर और महापौर ने संभाली सफाई की जिम्मेदारी
हड़ताल समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और महापौर मालती राय ने खुद झाड़ू लगाकर कचरा साफ किया। अधिकारियों को सड़क पर सफाई करते देख वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों का भी उत्साह बढ़ा।
दीपावली से पहले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे को हटाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी के मद्देनजर नगर निगम और जिला प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए प्रयास तेज किए हैं।
कलेक्टर ने नागरिकों से की खास अपील
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है और शहर की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब तक नगर निगम की कचरा गाड़ी उनके घर तक नहीं पहुंचती, तब तक कचरा घर में ही रखें। उसे सड़क पर न फेंकें, ताकि सफाई व्यवस्था को दोबारा दुरुस्त करने में प्रशासन को मदद मिल सके।
कौन हैं IAS प्रियंक मिश्रा?
प्रियंक मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
वे वर्ष 2020 से 2022 तक कटनी जिले में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। कटनी में उनके कार्यकाल के दौरान 31,904 सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए गए थे। इस उपलब्धि के लिए उनकी तस्वीर के साथ विशेष डाक टिकट जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
हड़ताल खत्म होने से बाजारों को राहत की उम्मीद
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पिछले तीन दिनों से भोपाल के कई इलाकों में कचरा जमा हो गया था। त्योहार से पहले बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने के बीच सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से व्यापारियों और नागरिकों की चिंता बढ़ गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। खबर के मुताबिक, कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगों में से आठ पर सहमति बनी है। वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर सरकार की ओर से बातचीत के बाद यह निर्णय हुआ।
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या थीं?
कर्मचारी मौजूदा वेतन को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि करीब 10,500 रुपये का मौजूदा वेतन परिवार का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। वेतन वृद्धि के अलावा कर्मचारियों ने अन्य सुविधाओं और सेवा संबंधी मांगें भी रखी थीं।
नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील
हड़ताल खत्म होने के बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारी और कचरा संग्रहण वाहन अपने-अपने क्षेत्रों में लौट रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरा निर्धारित वाहन में ही डालें और सड़कों पर गंदगी न फैलाएं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य करने में मदद मिलेगी।



