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जंतर मंतर से अभिजित दिपके का संदेश, बोले- ‘शांति और अहिंसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत’, छात्र आंदोलन जारी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के बैनर तले छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो पार्लियामेंट’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन और तेज हो गया है। इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजित दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अहिंसा और संयम ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।

20 जुलाई के मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी झड़प

20 जुलाई को हजारों छात्र और युवा संसद की ओर मार्च करने निकले थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस झड़प में दर्जनों प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए।

अभिजित दिपके बोले- उकसावे में न आएं, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखें

अभिजित दिपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उकसाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। उनके अनुसार, शांति और अहिंसा ही इस आंदोलन की असली ताकत है और इसी आधार पर यह एक महीने से लगातार चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन आगे भी सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते पर ही जारी रहेगा।

टेंट हटाए जाने और बारिश के बावजूद धरना जारी

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टेंट तोड़े जाने के बावजूद वे वापस जंतर मंतर लौटे और मानसून की बारिश के बीच भी धरना जारी रखा। वहीं, सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली से कई शहरों तक पहुंचा आंदोलन

छात्रों का यह आंदोलन अब दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पटना सहित कई शहरों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, बेरोजगारी और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभिजित दिपके ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

विपक्ष ने दिया समर्थन, सरकार पर साधा निशाना

इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के कई दलों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद में नीट परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए विरोध दर्ज कराया और काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है।

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