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अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का बड़ा पलटवार, सैन्य ठिकानों और तेल टैंकरों को बनाया निशाना

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर गंभीर सैन्य टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। घटनाक्रम के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा।

कुवैत और बहरीन के सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा

आईआरजीसी के अनुसार गुरुवार तड़के कुवैत स्थित अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए। इसके अलावा बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को भी निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र में अमेरिका द्वारा किए गए हालिया सैन्य हमलों के जवाब में की गई है। संगठन ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियों पर असर

ईरान ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र से गुजरने वाले समुद्री यातायात पर अब सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया

ईरानी सेना का आरोप है कि अमेरिका ने अप्रैल में हुए युद्धविराम की भावना का उल्लंघन किया है और लगातार आक्रामक सैन्य कार्रवाई कर रहा है। ईरान का कहना है कि हालात ने उसे जवाबी कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। वहीं क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बहरीन में फिफ्थ फ्लीट के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

आईआरजीसी ने कहा है कि उसके ड्रोन हमलों में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट से जुड़े पैट्रियट सिस्टम के संचार एंटीना और रडार प्रतिष्ठानों को लक्ष्य बनाया गया। दूसरी ओर ईरानी सरकारी मीडिया ने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस के आसपास विस्फोट होने की जानकारी दी है। हालांकि इन घटनाओं से हुए नुकसान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका ने भी ईरान के भीतर कार्रवाई की पुष्टि की

उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए गए। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि ये कार्रवाई ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है।

ईरान के कई इलाकों में विस्फोट की खबरें

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान समेत कई क्षेत्रों में विस्फोट दर्ज किए गए। करगान क्षेत्र में हुए धमाकों में कम से कम दो लोगों के घायल होने की भी खबर सामने आई है। इससे पहले अमेरिका ने केशम द्वीप, जास्क, सीरिक और बंदर अब्बास के आसपास मौजूद सैन्य प्रतिष्ठानों, रडार और निगरानी प्रणालियों को निशाना बनाया था।

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद बढ़ा तनाव

यह पूरा घटनाक्रम उस घटना के बाद सामने आया है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। ईरान पहले भी बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अज्राक एयर बेस को निशाना बनाने का दावा कर चुका है।

ट्रंप की चेतावनी, ईरान का पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शांति वार्ता को लंबा खींचने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समझौते की दिशा में प्रगति नहीं हुई तो अमेरिका और कड़ी कार्रवाई कर सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

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