ट्रंप की धमकी पर ईरान का तीखा जवाब! कहा- हमारा तेल रुका तो किसी देश का निर्यात भी नहीं होगा

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी के जवाब में ईरान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि उसे तेल निर्यात से रोका गया, तो क्षेत्र का कोई भी देश अपना तेल निर्यात नहीं कर सकेगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी।
ईरान ने दिया कड़ा संदेश
ईरानी संसद के स्पीकर और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में केवल दो ही विकल्प हैं—या तो सभी देश तेल का निर्यात करेंगे या फिर कोई भी नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा को खतरा बना रहा, तो पूरे क्षेत्र का ऊर्जा ढांचा भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा।
गालिबाफ ने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में स्थायी सुरक्षा तभी संभव है, जब वहां से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी समाप्त हो जाए।
ट्रंप ने दी थी सख्त चेतावनी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट या अन्य हथियारों से हमला किया गया, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।
ट्रंप ने कहा था कि ऐसी स्थिति में अमेरिका पुलों, बिजली संयंत्रों और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर तेहरान के आसपास स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस समय अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का सबसे संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। शुरुआती युद्धविराम समझौते के टूटने के बाद दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले जारी हैं। अमेरिका ने कई ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर जवाब दिया है।
दुनिया के कुल समुद्री तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रणनीतिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान इसे अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा मानता है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताते हुए यहां निर्बाध समुद्री आवाजाही बनाए रखने की वकालत करता है।
बढ़ते तनाव पर दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के सख्त रुख ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।



