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पिठौरी अमावस्या दो दिन, हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन; जानें 8 से 14 सितंबर तक का पूरा पंचांग

नई दिल्ली: इस सप्ताह भाद्रपद मास के कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं। कुशाग्रहणी अमावस्या यानी पिठौरी अमावस्या इस बार दो दिन रहेगी। इनमें एक दिन कुशा तोड़ने के लिए विशेष माना गया है, जबकि दूसरे दिन स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विधान बताया गया है। इसके अलावा हरतालिका तीज व्रत और गणेश चतुर्थी भी एक ही दिन पड़ रही हैं। हरतालिका तीज पर महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं, जबकि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

8 सितंबर, मंगलवार: भौम प्रदोष व्रत

8 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 2:44 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी और इसी दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

9 सितंबर, बुधवार: मास शिवरात्रि

9 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। इस दिन मास शिवरात्रि व्रत रहेगा। साथ ही कैलास यात्रा का प्रारंभ होगा।

10 सितंबर, गुरुवार: कुशाग्रहणी अमावस्या और कुशा तोड़ने का दिन

10 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:34 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। कुशाग्रहणी अमावस्या होने के कारण इस दिन कुशा तोड़ने का विधान बताया गया है। इसे पिठौरी अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार पंडित सालभर होने वाले धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल के लिए इसी दिन कुशा तोड़कर रख लेते हैं।

11 सितंबर, शुक्रवार: पितरों के तर्पण के लिए अमावस्या

11 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 8:57 बजे तक रहेगी। इस दिन स्नान और दान के लिए अमावस्या को विशेष शुभ माना गया है। इसे मातृ अमावस्या भी कहा जाता है। पितरों के लिए दान आदि करने के साथ तर्पण के लिए भी यही अमावस्या मानी जाएगी।

12 सितंबर, शनिवार: भाद्रपद शुक्ल पक्ष शुरू

12 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 7:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा। इस दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रथम प्रकाश दिवस मनाया जाएगा।

13 सितंबर, रविवार: हरतालिका तीज की तिथि शुरू

13 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7:09 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। इस दिन श्री वराह जयंती भी मनाई जाएगी। साथ ही हरतालिका तीज व्रत की तिथि शुरू हो जाएगी।

14 सितंबर, सोमवार: हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी

14 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 7:07 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। उदया तिथि के अनुसार हरतालिका तृतीया व्रत इसी दिन रखा जाएगा।

इसी दिन चतुर्थी का चंद्रमा दिखाई देने के कारण सिद्धिविनायक व्रत यानी गणेश चतुर्थी भी मनाई जाएगी। कई स्थानों पर इसे कलंक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन चंद्रदर्शन निषिद्ध माना गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या दोष लगता है। पत्थर चौथ का व्रत भी इसी दिन रखा जाएगा। बिहार में इसे चौठचंद्र के नाम से जाना जाता है।

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