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एआईएमआईएम प्रमुख का ऐलान…’भाजपा को रोकने के लिए अन्य पार्टियों से गठबंधन करने को तैयार’

मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो स्कैनर लगना था वह लूट के लिए लगाया गया।

Saharanpur News: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने प्रमुख विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कहा कि हम पर आरोप लगाते हैं कि हमारी पार्टी सांप्रदायिक पार्टी है। जबकि हम कभी किसी समुदाय के खिलाफ नहीं रहे। हम भाजपा को रोकने के लिए अन्य पार्टियों से गठबंधन करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो स्कैनर लगना था वह लूट के लिए लगाया गया।
भाजपा, कांग्रेस और सपा पर निशाना
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और सपा की सरकारें प्रदेश में रहीं। लेकिन सबसे अधिक बेरोजगार हमारे समाज में है। भाजपा सरकार हमारे समाज पर ही जुल्म कर रही है। मस्जिद को तोड़ने की बात होगी तो हम आवाज संविधान के दायरे में उठाएंगे।
जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना सांप्रदायिक है तो मैं उसे उठाऊंगा
यदि जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना सांप्रदायिक है तो मैं जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज उठाता रहूंगा। मैं फिरकापरस्त नहीं, बल्कि इंसाफ परस्त हूं। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने अपना झंडा और अपना नेता बनाया है उन्हें ही इंसाफ मिला है। जो समाज अपना झंडा और नेता नहीं बना सका और न ही अपना नेतृत्व तैयार कर पाया उसे इंसाफ नहीं मिलता। कहा कि सहारनपुर में लकड़ी की नक्काशी का काम होता था। वह भी अब जयपुर चला गया है।
जौहर विवि पर रखी बात
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जौहर विवि को निशाना साध रही है। प्रदेश की साक्षरता दर काफी कम है। 19-20 फीसदी मुस्लिम आबादी में से मात्र साढ़े तीन फीसदी स्नातक हैं। जौहर विवि को नियमित किया जा सकता है। इससे तीन हजार छात्रों का भविष्य दांव पर है। सरकार नहीं चाहती की मुस्लिम पढ़े। सहारनपुर में ग्लोकल विवि थी। इसकी आज क्या हालत है।
मस्जिद तोड़ने का आदेश
जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। कहा कि मस्जिद 1955 से उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है। किस आधार पर सरकार मस्जिद को तोड़ने का आदेश दे रही है। इसका इस्तेमाल 70 वर्षों से मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बाय यूजर के सिद्धांत को मान्यता दी। नए मामलों में यह लागू नहीं होता, लेकिन पुराने मामलों में यह व्यवस्था लागू रहती है। इसके बाद भी मस्जिद को नोटिस दिया जा रहा है। सरकार जुल्म कर रही है।
जनसभा में उमड़ी भीड़, टूटा माइक
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा में भीड़ उमड़ी। उन्हें सुनने के लिए समर्थक जनसभा स्थल पर भारी संख्या में पहुंचे। कई समर्थक हाथों में तिरंगा लिए पहुंचे। सांसद ओवैसी और एआईएमआईएम प्रमुख को सुनने के लिए कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखा। शाम करीब साढ़े सात बजे असदुद्दीन ओवैसी जब मंच पर पहुंचे समर्थकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यकर्ता इसते उत्साहित हुए कि मंच पर जा पहुंचे। इसी दौरान मंच पर लगा माइक टूट गया। आयोजक भी आह्वान करते रहे कि शांति बनाकर रखे।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया
भीड़ काबू से बाहर होती देख वहां पर मौजूद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया। इसके बाद दूसरे माइक का बंदोबस्त किया गया। हालांकि उसका भी तार भीड़ की वजह से टूट गया। किसी तरह उसे चालू किया गया, तब जाकर सांसद असदुद्दीन ओवैसी का संबोधन शुरू हुआ।
मोबाइल की टॉर्च जलाकर स्वागत किया
सांसद असदुद्दीन ओवैसी के मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर स्वागत किया। असदुद्दीन ओवैसी ने भी हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी भी की। कार्यकर्ताओं के जोश को देखकर एआईएमआईएम प्रमुख भी गदगद नजर आए।

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