TMC में ममता को एक और बड़ा झटका! प्रसून बनर्जी भी बागी खेमे में शामिल, लोकसभा में बढ़ी ‘काकोली ग्रुप’ की ताकत

नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब पार्टी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका सामने आया है। बुधवार तक ममता बनर्जी के साथ खड़े नजर आ रहे लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी ने भी बागी तेवर अपनाते हुए सांसदों के ‘काकोली ग्रुप’ का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम से पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और तेज हो गई है।
अलग गुट की मांग वाले पत्र पर किए हस्ताक्षर
जानकारी के मुताबिक, प्रसून बनर्जी ने संसद में अलग गुट को मान्यता दिलाने की मांग संबंधी पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं। बागी सांसदों का यह समूह लोकसभा में खुद को एक स्वतंत्र ब्लॉक के रूप में मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहा है। प्रसून के शामिल होने के बाद इस गुट की ताकत और बढ़ गई है।
बागी खेमे में पहुंचे 20 सांसद, ममता गुट में बचे 8
प्रसून बनर्जी के शामिल होने के साथ ही बागी खेमे में लोकसभा सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के साथ अब केवल 8 सांसद ही बताए जा रहे हैं। बागी गुट लगातार अपने समर्थन आधार को बढ़ाने में जुटा है और अन्य सांसदों को भी अपने साथ लाने की कोशिश कर रहा है।
हावड़ा से लगातार तीसरी बार सांसद हैं प्रसून बनर्जी
प्रसून बनर्जी हावड़ा लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। खेल जगत में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में भी मजबूत जगह बनाई है। ऐसे में उनका बागी खेमे में जाना टीएमसी नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
बागी गुट में शामिल सांसदों की संख्या लगातार बढ़ी
बागी गुट में अब तक काकोली घोष, जगदीश चंद्र बसुनिया, खलीलुर रहमान, यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान, पार्थ भौमिक, बापी हलदार, सायोनी घोष, माला रॉय, मिताली बाग, दीपक अधिकारी, कालीपद सोरेन, जून मालिया, अरूप चक्रवर्ती, डॉ. शर्मिला सरकार, शत्रुघ्न सिन्हा, असित कुमार माल, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी और अब प्रसून बनर्जी शामिल हो चुके हैं।
वहीं ममता बनर्जी के साथ सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, अभिषेक बनर्जी, सुदीप बंदोपाध्याय, सजदा अहमद, कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद बने हुए हैं।
पहले भी सामने आई थीं टूट की खबरें
इससे पहले राज्यसभा के कई सांसदों के इस्तीफे और कुछ अन्य सांसदों के बागी खेमे के संपर्क में होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, कई नेताओं ने इन अटकलों का खंडन भी किया था। लेकिन प्रसून बनर्जी के बागी गुट में शामिल होने के बाद टीएमसी के भीतर बढ़ती नाराजगी और संगठनात्मक संकट की चर्चाओं को नया बल मिल गया है।



