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2000 के नोट बंद होते ही बाज़ारों में हड़कंप, दुकानों और पेट्रोल पंप पर नोट खपाने के लिए उमड़ी भीड़

नई दिल्ली: 2000 के नोट बैंकों को वापस किए जाने का सर्कुलर जारी होते ही शुक्रवार (19 मई) की शाम देशभर के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, इसका अधिकतर असर बड़े शहरों में देखने को मिला। आलम यह था कि हर दुकान पर 2000 के नोट खपाने के लिए लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। ये तादाद इतनी अधिक हो गई थी कि, परेशान व्यापारियों ने 2000 का नोट लेने से इंकार कर दिया। वहीं, कई बड़े कारोबारियों का करोड़ों का भुगतान रुक गया है। व्यापारियों का कहना है कि 2000 के नोट बंद होने के निर्णय के कारण एक बार फिर मंदी की मार झेलनी पड़ेगी। इससे बड़े कारोबारी अधिक प्रभावित होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली के तमाम बाजारों में रात 8 बजे लोगों की भीड़ देखने को मिली। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने जानकारी दी है कि 2000 रुपये के नोट वापसी की सूचना मिलते ही बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। कई व्यापारी तो शाम को भुगतान करने के लिए 2000 के नोट लेकर पहुंचे, जिसे देख बड़े व्यापारियों ने माल का पेमेंट लेने से मना कर दिया। इस फैसले से व्यापारी बहुत परेशान हैं। सबको मंदी का डर सता रहा है। वहीं, दिल्ली व्यापार महासंघ के प्रमुख देवराज बवेजा ने बताया कि कई व्यापारियों ने 2000 के नोट लेने से मना कर दिया है। इससे व्यापार पर बहुत प्रभाव पड़ेगा और इसकी चपेट में कारोबारी ही आएंगे।

वहीं, 2000 रुपये के नोट की वापसी वाले RBI के ताजा सर्कुलर के आते ही बाजार में एक बार फिर से ‘नोटबंदी’ की चर्चा गर्म हो गई। दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर भी जो लोग अपनी गाड़ियों में ईंधन डलवाने आए, उनमें से कितने ही लोग 2000 रुपये के नोट से पेमेंट करने का प्रयास कर रहे थे। दिल्ली के पेट्रोल पंप वालों का कहना है कि दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपए के नोट लिए जा रहे हैं । किसी भी पेट्रोल पंप पर ग्राहकों से इन्हें लेने से मना नहीं किया जा रहा। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के प्रमुख अजय बंसल का कहना है कि जैसे-जैसे चर्चाओं का बाजार गर्म होता जा रहा है, वैसे-वैसे पेट्रोल पंपों पर भी अब लोग पेट्रोल-डीजल भरवाकर इसकी पेमेंट 2000 रुपये के नोट में करने का प्रयास कर रहे हैं। हम किसी को मना नहीं कर रहे हैं।

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