MP: सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद बड़ा एक्शन, 5 अधिकारी निलंबित, एक अफसर मुख्यालय अटैच

भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रशासन ने तीन आबकारी अधिकारियों और पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच किया गया है।
यह मामला बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से सामने आया है। शुरुआती प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय बीजेपी विधायक ने मृतकों की संख्या 11 बताई है। कई अन्य लोगों के बीमार होने की भी जानकारी सामने आई है।
तीन आबकारी अधिकारी निलंबित, वरिष्ठ अफसर को जिले से हटाया
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने जाने पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है।
वहीं, उपायुक्त और संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को भी मामले में जिम्मेदार मानते हुए जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। इस तरह आबकारी विभाग से जुड़े कुल चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस विभाग ने भी बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पूरन लाल लाड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार, 6 सितंबर की सुबह ही स्पष्ट कर दिया था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
CM मोहन यादव बोले- दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली प्रवास के दौरान सागर की घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों में तत्काल जांच कराने के साथ पीड़ित परिवारों को राहत और बीमार लोगों के लिए उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम प्रभावित इलाकों में पहुंची
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारियों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लगातार जांच और स्वास्थ्य जांच भी कराई जा रही है, ताकि शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशासन के मुताबिक 10 मौतें, बीजेपी विधायक ने बताया आंकड़ा 11
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के प्रभावित गांवों में अवैध जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, स्थानीय बीजेपी विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 बताई है।
विधायक के मुताबिक बंडा सिविल अस्पताल से करीब 25 लोगों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया है। कलेक्टर ने बताया कि बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायत वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। ऐसे तीन लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है। उनके मुताबिक इन मरीजों की हालत गंभीर नहीं है।
फिलहाल मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका पर कलेक्टर ने कोई टिप्पणी नहीं की है। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
ललितपुर से शराब की सप्लाई का शक, गिरोह की तलाश तेज
जांच में संदिग्ध शराब के स्रोत को लेकर भी जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में इसके उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सप्लाई होने की आशंका जताई गई है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार प्रारंभिक जांच में ललितपुर से इस तरह की जहरीली शराब की सप्लाई करने वाले एक गिरोह की जानकारी सामने आई है। सागर का प्रभावित क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक होने के कारण इस पहलू की भी जांच की जा रही है। हालांकि, शराब की वास्तविक आपूर्ति श्रृंखला और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
प्रभावित इलाके की 7 शराब दुकानें सील
घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्र की सात शराब दुकानों को सील कर दिया है। शराब के नमूने लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब पीने वालों से प्रशासन ने की तत्काल जांच की अपील
प्रशासन ने हाल के दिनों में शराब का सेवन करने वाले लोगों से अपनी स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को उल्टी, सिरदर्द, बुखार या किसी अन्य तरह की स्वास्थ्य समस्या महसूस हो रही है तो वह इन लक्षणों को नजरअंदाज न करे और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच कराए।
कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग
मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब माफिया बेखौफ होकर लोगों की जान ले रहे हैं।
बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर लोधी ने दावा किया कि बंडा विकासखंड के कई गांवों में शनिवार रात लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनके मुताबिक कई लोगों को बंडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया और अन्य को सागर रेफर किया गया।
गुजरात की घटना के बाद MP में जहरीली शराब से मौतों ने बढ़ाई चिंता
मध्य प्रदेश में यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हुई थी। सागर की घटना के बाद अब प्रशासन का फोकस अवैध शराब के नेटवर्क और उसके संभावित आपूर्ति स्रोत पर है।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शराब के नमूनों और जांच के आधार पर मौतों की वास्तविक वजह स्पष्ट होने का इंतजार है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध शराब की आपूर्ति में कौन-कौन लोग शामिल थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


