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भांगर बम विस्फोट मामले में एनआईए का बड़ा एक्शन, पूर्व टीएमसी विधायक से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के भांगर में चुनावी हिंसा के दौरान हुए बम विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक शौकत मुल्ला से जुड़े ठिकानों समेत कुल 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी अभियान चलाया।

जांच एजेंसी की यह कार्रवाई 19 मार्च को भांगर क्षेत्र में हुए उस विस्फोट से जुड़ी है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। एनआईए इस मामले को चुनावी हिंसा से जोड़कर इसकी गहन जांच कर रही है।

एक साथ 9 ठिकानों पर चला सर्च ऑपरेशन

सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीमों ने भांगर विस्फोट मामले से जुड़े संदिग्धों और कथित नेटवर्क की जांच के लिए कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी का उद्देश्य घटना के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क और उसके संभावित संबंधों का पता लगाना है।

इसी क्रम में पूर्व विधायक शौकत मुल्ला के आवास पर भी छापेमारी की गई। अधिकारियों ने तलाशी के दौरान विभिन्न दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की।

डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों की जांच जारी

एनआईए की टीमें मौके से मिले दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से विस्फोट मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

अधिकारियों का मानना है कि तलाशी अभियान से घटना के पीछे मौजूद नेटवर्क और उसकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

शौकत मुल्ला की पत्नी का भी आया बयान

छापेमारी के बीच शौकत मुल्ला की पत्नी सायरा बानू मुल्ला का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें एनआईए की ओर से बुलाया गया था, लेकिन इसके अलावा उन्हें कार्रवाई से जुड़ी कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।

19 मार्च को हुआ था विस्फोट

भांगर क्षेत्र में 19 मार्च को चुनावी माहौल के दौरान बम विस्फोट की घटना हुई थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई थी।

जांच एजेंसी तब से चुनावी हिंसा और विस्फोट के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

एनआईए की ताजा कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भांगर क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक टकराव और हिंसा की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में पूर्व विधायक से जुड़े ठिकानों पर हुई छापेमारी को राजनीतिक और जांच दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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