उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास बड़ा बुलडोजर एक्शन, चिकन सेंटर-होटल समेत 16 इमारतें ढहाईं; भारी पुलिस बल तैनात

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग इलाके में शनिवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 16 इमारतों को हटाने की कार्रवाई की। इन इमारतों में होटल, रेस्टोरेंट, चिकन सेंटर, डेयरी, गेस्टहाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्रवाई शुरू की गई और किसी तरह के विरोध की सूचना नहीं है।
स्टे हटने के बाद शुरू हुई कार्रवाई
बताया गया कि निचली अदालत और हाई कोर्ट से कार्रवाई पर लगा स्थगन हटने के बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यह कदम उठाया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भवनों का उपयोग लीज की शर्तों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा कई भूखंडों की लीज अवधि करीब 15 वर्ष पहले समाप्त हो चुकी थी और उनका नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था।
50 से ज्यादा कर्मचारी और भारी मशीनरी तैनात
कार्रवाई के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस के 50 से अधिक कर्मचारी मौके पर तैनात रहे। इमारतों को हटाने के लिए 7 पोकलेन, 4 जेसीबी और अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में एक के बाद एक निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
महाकाल मंदिर मार्ग पर व्यावसायिक इस्तेमाल का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों को आवासीय उपयोग के लिए लीज पर दिया गया था। आरोप है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इन भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार 48 आवासीय भूखंडों को नियमों के विपरीत करीब 106 हिस्सों में बांटकर व्यावसायिक निर्माण किए गए।
ब्रिज और टनल निर्माण में बन रहे थे बाधा
प्राधिकरण के अनुसार, हटाए जा रहे निर्माण हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर के लिए प्रस्तावित टनल के रास्ते में बाधा बन रहे थे। इस क्षेत्र में ब्रिज निर्माण भी प्रस्तावित है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के मद्देनजर इन निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम प्रस्तावित हैं।
45 भूखंडों पर खड़े किए गए थे कई निर्माण
मिली जानकारी के अनुसार, विकास प्राधिकरण ने महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में करीब 45 भूखंड 2400 वर्गफीट क्षेत्रफल के हिसाब से 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। आरोप है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, इन भूखंडों को छोटे हिस्सों में बांटकर बड़ी संख्या में निर्माण किए गए। शनिवार को एक दर्जन से अधिक लोगों से जुड़े निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में बदलाव
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के मुताबिक, शनिवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई और तीन थानों का पुलिस बल मौके पर लगाया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध सामने नहीं आया। मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में बदलाव किया गया है। इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क प्रस्तावित है और सिंहस्थ को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
पहले 72 मकान और दुकानें हटाई जा चुकीं
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग कॉलोनी की जमीन विकास प्राधिकरण ने लीज पर दी थी। उनका कहना है कि कुछ लीजधारकों ने आवासीय भूखंडों को व्यावसायिक रूप दे दिया और एक ही भूखंड पर कई होटल और रेस्टोरेंट बना लिए। लीज नवीनीकरण को लेकर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद कुछ लोग अदालत चले गए थे। कोर्ट से स्थगन हटने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले 72 मकान और दुकानें हटाई जा चुकी हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, आगे बचे हुए निर्माणों को भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।



