झारखण्ड

झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: 53 प्रस्तावों को मंजूरी, अवैध भवन होंगे नियमित, खनन नियमों में बदलाव और छात्रों के लिए नई पहल

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अवैध निर्माण के नियमितीकरण से लेकर खनन नियमों में संशोधन और छात्रों के लिए नई प्रतियोगिताओं तक कई बड़े निर्णय शामिल हैं। बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने इन फैसलों की जानकारी दी।

अवैध भवनों के नियमितीकरण को मंजूरी, 2019 नियमावली में संशोधन

राज्य सरकार ने अनधिकृत रूप से बने भवनों को नियमित करने के लिए नियमितीकरण नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 2019 की नियमावली में संशोधन किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार 10 मीटर ऊंचाई तक के जी-प्लस-टू भवन, जिनका अधिकतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर है, उन्हें नियमित किया जा सकेगा। इसके लिए आवासीय भवनों पर 10 हजार रुपये और व्यावसायिक भवनों पर 20 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पेनाल्टी की राशि तीन किस्तों में जमा करनी होगी।

60 दिनों के भीतर आवेदन अनिवार्य, ऑनलाइन प्रक्रिया लागू

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत भवनों के मालिकों को नियमितीकरण के लिए अधिसूचना जारी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा। यह आवेदन ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित प्रारूप में संबंधित सक्षम प्राधिकरण या अधिकृत अधिकारी के समक्ष जमा करना होगा। आवेदन के साथ भवन का पूरा निर्मित क्षेत्र और साइट प्लान प्रस्तुत करना जरूरी होगा।

छात्रों के लिए रोबोटिक फेस्टिवल और विज्ञान क्विज की घोषणा

राज्य में तकनीकी और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोबोटिक फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रतिभागियों को अपनी पसंद का रोबोट बनाने की स्वतंत्रता होगी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 2 लाख रुपये रखा गया है। इसके अलावा स्कूल, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए उभरती तकनीक और विज्ञान पर आधारित तीन चरणों में क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें अलग-अलग वर्गों के छात्रों को शामिल किया जाएगा। रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े इस क्विज में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय 30 हजार रुपये और तृतीय 20 हजार रुपये तय किया गया है।

बालू और लघु खनिज खनन के नियमों में बड़ा बदलाव

कैबिनेट ने झारखंड लघु खनिज रियायत (संशोधन) नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत लघु खनिजों के लिए 100, 150 और 200 हेक्टेयर की क्षेत्र सीमा निर्धारित की गई है। बालू और पत्थर की लीज अवधि 10 वर्षों के लिए तय की गई है, जबकि ग्रेनाइट और अन्य लघु खनिजों के लिए यह अवधि 30 वर्ष होगी। नए प्रावधानों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के 120 दिनों के भीतर एलओआई जारी किया जाएगा और पर्यावरण स्वीकृति मिलने के 30 दिनों के भीतर सीटीओ प्रदान किया जाएगा। खदानों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य खनन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है। साथ ही, पुरानी नियमावलियों में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर करते हुए राज्य के राजस्व संग्रह को गति देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

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