
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) से मुलाकात की। खबरों के मुताबिक, उन्होंने पीएम से अपने राज्य के लिए जीएसटी बकाया सहित कई मुद्दों की है। पीएम से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी उनके आवास से रवाना हो गईं।
इस बीच, पीएम मोदी और ममता बनर्जी की मुलाकात के कई कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक सेटिंग करार दिया है तो कुछ लोग शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई का डर बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा, टीएमसी के टॉप लीडर्स के खिलाफ सीबीआई और ईडी की कार्रवाई के बीच ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा मैच फिक्सिंग का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने गुरुवार को अपनी पार्टी के सांसदों से मुलाकात की और संसद के मौजूदा सत्र और 2024 के लोकसभा चुनाव की राह पर चर्चा की। उन्होंने उनसे (पीएम से) हाल ही में पश्चिम बंगाल में घोषित सात नए जिलों के नामों के लिए सुझाव मांगे। शुक्रवार को बनर्जी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है। सूत्रों ने कहा कि मोदी के साथ बैठक में उनके पश्चिम बंगाल के जीएसटी बकाया पर चर्चा करने की संभावना है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मेघालय केर पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने प्रधान मंत्री को सलाह देते हुए कहा कि, उन्हें जनता को यह समझाना चाहिए कि उनकी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से कोई सीक्रेट अंडरस्टैंडिंग तो नहीं है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने ट्वीट किया, “कोलकाता में सेटिंग को लेकर काफी चर्चाएं की जा रही हैं। इसका अर्थ यह लगाया जा रहा है कि पीएम मोदी और ममता बनर्जी के बीच सीक्रेट अंडरस्टैंडिंग है। ऐसा है तो क्या तृणमूल कांग्रेस के हत्यारे और चोर इसी तरह खुल्ला घूमेंगे। इसलिए कृपया हम लोगों को यह भरोसा दिलाएं कि ऐसी कोई सेटिंग नहीं है”। रॉय ने यह ट्वीट पीएम नरेंद्र मोदी और पीएमओ को भी टैग किया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सात अगस्त को होने वाली नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचीं है। इससे पहले, राज्य की विपक्षी दल बीजेपी ने दावा किया कि, वह (ममता बनर्जी) हाल ही में सामने आए घोटालों पर केंद्र सरकार के साथ ‘सेट अप’ करने के लिए नई दिल्ली जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि, मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के साथ ‘सेट अप’ करने की कितनी भी कोशिश कर लें, इसका कोई फायदा नहीं होगा और घोटालों में शामिल कथित दोषियों को दंडित किया जाएगा।’
टीएमसी एक ‘भ्रष्ट’ पार्टी
माकपा के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि, टीएमसी एक ‘भ्रष्ट’ पार्टी है। जिसके लिए अब सभी जानते हैं कि ममता मोदी से मिलने जा रही हैं। “हर कोई जानता है कि ममता को नीति आयोग पर भरोसा नहीं है और वह कभी किसी बैठक में शामिल नहीं हुई हैं। यह पहली बार है जब वह बैठक में शामिल होंगी लेकिन असली उद्देश्य उन घोटालों को छुपाना है जिनमें टीएमसी नेता शामिल हैं।



