मध्य प्रदेशराज्य

CM मोहन यादव पर जमीन खरीद को लेकर घमासान! आरोपों के बीच दिल्ली तलब, सियासत में मचा बवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जमीन खरीद से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। विपक्षी कांग्रेस लगातार इस मामले को लेकर हमला बोल रही है और न्यायिक जांच की मांग कर रही है। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, जमीन खरीद से जुड़े आरोपों पर चर्चा के लिए पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिल्ली बुलाया है। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार रात राजधानी दिल्ली पहुंच सकते हैं।

क्या हैं जमीन खरीद से जुड़े आरोप?

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन क्षेत्र में लगभग 168 एकड़ जमीन की 137 रजिस्ट्री कराई हैं। इन जमीनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि जिन क्षेत्रों में ये जमीनें खरीदी गईं, वहीं बाद में सरकार की ओर से सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग परिवर्तन से संबंधित घोषणाएं की गईं। इसी को आधार बनाकर विपक्ष हितों के टकराव और संभावित लाभ के सवाल उठा रहा है।

कांग्रेस ने की स्वतंत्र जांच की मांग

मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोपों को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायिक जांच जरूरी है।

पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही हैं और इनसे जुड़ी फाइलें मुख्यमंत्री स्तर से होकर गुजरती हैं। ऐसे में जमीन खरीद को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने बड़ी मात्रा में जमीन खरीदकर लाभ लेने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कार्रवाई की मांग की।

भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं।

पार्टी नेताओं का दावा है कि जब भी राज्य में पिछड़ा वर्ग से आने वाला कोई नेता मुख्यमंत्री पद पर पहुंचा है, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने और उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष बिना किसी ठोस प्रमाण के राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

दिल्ली दौरे पर टिकी राजनीतिक नजरें

जमीन खरीद को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव के संभावित दिल्ली दौरे ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक में क्या चर्चा होती है और इस पूरे विवाद पर आगे क्या राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं।

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