स्वास्थ्य

विटामिन K की कमी से बढ़ सकता है अस्थमा और COPD का खतरा, नई रिसर्च ने लंग्स को लेकर किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: विटामिन K की कमी को लेकर सामने आई एक नई रिसर्च ने सांस से जुड़ी बीमारियों और फेफड़ों की सेहत के बीच संभावित संबंध पर नई चर्चा छेड़ दी है। अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों के खून में विटामिन K का स्तर कम पाया गया, उनमें सांस से संबंधित समस्याओं के लक्षण अधिक देखने को मिले। शोध में विटामिन K की कमी को अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्शन पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी जैसी बीमारियों के बढ़े हुए खतरे से जोड़ा गया है।

सांस से जुड़ी बीमारियां व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। अस्थमा में सांस फूलना, सांस लेने में परेशानी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नई रिसर्च में इस बात पर ध्यान दिया गया है कि शरीर में विटामिन K की पर्याप्त मात्रा फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए किस तरह महत्वपूर्ण हो सकती है।

4,092 लोगों पर हुआ अध्ययन

डेनिश कम्युनिटी स्टडी में 4,092 लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों के रक्त में विटामिन K की कमी थी, उनमें सांस से जुड़ी समस्याओं के लक्षण अपेक्षाकृत ज्यादा पाए गए।

शोध के अनुसार, विटामिन K की कमी अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियों के खतरे से जुड़ी हो सकती है। इसके साथ ही शरीर में इसकी कमी का संबंध फेफड़ों की कार्यक्षमता कमजोर होने से भी पाया गया है। यह अध्ययन ईआरजे ओपन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

फेफड़ों की सेहत से जुड़ी नई दिशा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. संदीप साल्वी के हवाले से बताया गया है कि यह पहला ऐसा अध्ययन है, जिसमें रक्त में विटामिन K के कार्यात्मक स्तर को फेफड़ों की खराब सेहत से जोड़ा गया है।

इस अध्ययन के बाद सांस से संबंधित बीमारियों के उपचार और उनकी रोकथाम को लेकर विटामिन K की भूमिका पर आगे शोध की संभावनाएं बढ़ी हैं। हालांकि, अध्ययन के निष्कर्षों को बीमारी के इलाज की अंतिम पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

विटामिन K शरीर में क्या काम करता है?

विटामिन K की खोज वर्ष 1943 में जैवरसायन विज्ञानी हेनरिक डैम ने की थी। इसके लिए उन्हें चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला था। रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण इसे विटामिन K नाम दिया गया।

शरीर में चोट लगने पर रक्तस्राव को रोकने के लिए रक्त का जमना जरूरी होता है और इस प्रक्रिया में विटामिन K की भूमिका होती है। इसके अलावा यह हड्डियों और मांसपेशियों में कैल्शियम को बांधकर रखने की प्रक्रिया से भी जुड़ा है।

प्लेटलेट्स और फेफड़ों के बीच क्या संबंध है?

रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स थक्का बनने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फेफड़ों की एक विशेष भूमिका प्लेटलेट्स के निर्माण और उनके जैविक कार्यों से भी जुड़ी हुई है।

नई रिसर्च में इसी संबंध पर भी ध्यान दिया गया है। अध्ययन के अनुसार, विटामिन K की कमी होने पर प्लेटलेट्स से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव हो सकते हैं, जो सांस से संबंधित बीमारियों के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं।

क्या विटामिन K से अस्थमा का इलाज संभव है?

नई रिसर्च विटामिन K की कमी और फेफड़ों की सेहत के बीच संबंध की ओर संकेत करती है, लेकिन केवल विटामिन K की खुराक लेने से अस्थमा या सीओपीडी का इलाज हो जाएगा, ऐसा निष्कर्ष इस अध्ययन से सीधे नहीं निकाला जा सकता। किसी भी विटामिन या पूरक की खुराक लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं।

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