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डायबिटीज रोगी इन फूड्स का सेवन करने से बचें, वरना हो सकता है ब्‍लड शुगर

नई दिल्‍ली : लोग मधुमेह को चीनी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन आपको बता दें, चीनी के अलावा कई ऐसे फूड्स (Foods) भी हैं, जिनका सेवन अधिक करने से ब्लड शुगर लेवल तेजी (fast) से बढ़ता है। आइए जानते

डायबिटीज एक स्वास्थ्य संबंधी बीमारी है, जिसे साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। डायबिटीज बढ़ने पर व्यक्ति को स्ट्रोक,अटैक,किडनी और लीवर डैमेज का खतरा भी बढ़ने लगता है। आमतौर पर लोग मधुमेह को चीनी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन आपको बता दें, चीनी के अलावा कई ऐसे फूड्स भी हैं, जिनका सेवन अधिक करने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ फूड्स के बारे में, जिनका सेवन करने से डायबिटीज रोगियों को बचना चाहिए।

व्यक्ति को डायबिटीज होने पर बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, अचानक वजन का कम हो जाना, प्राइवेट पार्ट में खुजली, धुंधला दिखना, घाव का धीरे-धीरे भरना जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं। इनमें से किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर केला बाकी लोगों की तुलना में मधुमेह रोगियों की सेहत को बनाने की जगह बिगाड़ भी सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एक मीडियम साइज के एक पक्के हुए केले में 14 ग्राम शुगर होता है, जो एक डायबिटीज मरीज के लिए खतरा हो सकता है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट बताते हैं कि डायबिटीज मरीज कच्चे केले का सेवन कर सकते हैं।

आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि विटामिन और खनिजों से भरपूर फलों का जूस भी डायबिटीज रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है। फलों के जूस में शुगर के रूप में उच्च मात्रा में फ्रक्टोज होता है। रिसर्च से पता चलता है कि फ्रक्टोज वाली चीजों का ज्यादा सेवन करने से लिवर ओवरलोड हो सकता है, जिससे नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर डिजीज और टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ब्राउन राइस में मौजूद हाई फाइबर की वजह से इसे हेल्दी माना जाता है। बावजूद इसके डायबिटीज मरीजों को इसे खाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए ब्राउन राइस में फाइबर के साथ कार्ब्स की मात्रा भी प्रचूर मात्रा में मौजूद होती है। जो पचने के बाद आसानी से ग्लूकोज में बदलकर तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ाने का काम करती है।

शकरकंद में मौजूद हाई स्टार्च कार्ब ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने का काम करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर और विटामिन जैसे पोषक तत्व डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छा स्वस्थ विकल्प नहीं है।

तले हुए खाद्य पदार्थों में वसा की मात्रा अधिक होती है। वसा धीरे-धीरे पचती है इसलिए यह रक्त शर्करा में वृद्धि का कारण बन सकती है जो कई घंटों तक बनी रहती है। चूंकि तले हुए खाद्य पदार्थों में वसा कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए वे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ाते हैं, जिससे आपका मधुमेह जटिल हो सकता है।

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