युवाओं में लिवर डैमेज का नया कारण बन रहा एनर्जी ड्रिंक

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत के युवाओं में एनर्जी ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन अब लिवर डैमेज (जिगर की बीमारी) का बड़ा कारण बनता जा रहा है।
Liver Transplantation Society of India से जुड़े डॉक्टरों के अनुसार, युवाओं में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और कई मामलों में शुरुआती उम्र में ही लिवर रोग के संकेत दिखने लगे हैं।
डॉक्टर अभिदीप चौधरी ने बताया कि एनर्जी ड्रिंक्स, शराब और ज्यादा शुगर वाले पेय—ये तीन प्रमुख कारण हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, साथ ही टॉरिन और अन्य स्टिमुलेंट्स होते हैं, जिन्हें प्रोसेस करने में लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि एनर्जी ड्रिंक्स को शराब के साथ मिलाकर पीना और ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि कैफीन शराब के असर को छुपा देता है, जिससे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा शराब पी लेता है।
नीरव गोयल के अनुसार, अब 20–30 साल के युवाओं में भी लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि पहले ये समस्याएं अधिक उम्र में देखने को मिलती थीं।
रिसर्च के मुताबिक, इन ड्रिंक्स में मौजूद हाई शुगर, कैफीन और केमिकल्स लिवर में फैट जमा होने, सूजन (inflammation) और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाते हैं, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ जाता है।
अनुमान है कि शहरी आबादी के करीब 25–30% लोग इस बीमारी से प्रभावित हो सकते हैं, जिसमें युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो गंभीर स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र इलाज बचता है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन सीमित करें, संतुलित आहार लें और नियमित जांच कराते रहें।



