#MeToo: यौन उत्पीड़न का आरोप में फसें केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा

‘मी टू’ अभियान के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि ये सिर्फ अटकलें हैं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा भेजा है।बता दें कि रविवार की सुबह ही वो नाइजारिया के दौरे से भारत लौट हैं।
बता दें कि प्रिया रमानी और प्रेरणा सिंह बिंद्रा नाम की दो महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रिया रमानी का कहना है कि एमजे अकबर ने होटल के एक कमरे में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें की हैं। वहीं, प्रेरणा सिंह बिंद्रा नाम की महिला पत्रकार का कहना है कि उनके साथ हुई घटना 17 साल पुरानी है। अकबर उनसे अश्लील टिप्पणियां किया करते थे और उनका जीना मुश्किल कर दिया था। वह इतने सालों तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उनके पास सबूत नहीं थे।
‘मी टू’ अभियान के तहत एमजे अकबर पर जब यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था, तब वो नाइजीरिया के दौरे पर थे। उन्होंने अभी तक इस मामले पर अपनी ओर से कोई सफाई पेश नहीं की है।
वहीं, इन आरोपों के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टी के कई नेताओं ने उनका इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को यौन उत्पीड़न के आरोपों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना चाहिए या तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि एमजे अकबर के आचरण की जांच होनी चाहिए। जब उनके साथ काम कर चुकी महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है तो फिर वह मंत्री पद पर कैसे बने रह सकते हैं।
यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘मी टू’ से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में सेवानिवृत्त जज और कानूनविद् को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।



