
Mirzapur Road Accident: ड्रमंडगंज घाटी में भीषण टक्कर के बाद आग का तांडव, 11 लोगों की मौत; सीएम योगी ने जताया गहरा दुख, जांच के निर्देश
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। ड्रमंडगंज घाटी में हुए इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो वाहन में जिंदा जल गए। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
सीएम योगी ने जताया शोक, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए इसे अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक बताया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। साथ ही दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
रीवा-मिर्जापुर हाईवे पर हुआ हादसा, ब्रेक फेल ट्रक बना वजह
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के ढलान पर हुआ। रात करीब 8:30 बजे मध्य प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिसके बाद वह तेज रफ्तार में नीचे की ओर बढ़ा और सामने चल रही बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद बोलेरो बनी आग का गोला, 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रक से जा भिड़ी और कुछ ही पलों में आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बोलेरो सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस दौरान 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिससे घटनास्थल पर भयावह दृश्य पैदा हो गया।
श्रृंखलाबद्ध टक्कर में कई वाहन चपेट में, मचा हड़कंप
हादसे के दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी संतुलन खो दिया और आगे चल रही कार से टकरा गया। कुछ ही क्षणों में सड़क पर कई वाहन आपस में भिड़ गए और चारों ओर आग की लपटें व चीख-पुकार का मंजर छा गया। हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया।
मृतकों की सूची जारी, एक ही परिवार के कई लोग शामिल
प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों की सूची जारी कर दी है। मृतकों में सतना निवासी प्रियंका सिंह (42), कार्तिकेय सिंह (19), जिगना निवासी पियूष सिंह (14), पंकज सिंह (40), बीना सिंह (47), वंदना सिंह (43), शिवा सिंह (48), सोनम सिंह (19), रामपुर निवासी विष्णु सिंह (45), नेया खेड़ा निवासी विकास शर्मा (32) और भटियागांव निवासी जय प्रकाश (28) शामिल हैं। इनमें से कई एक ही परिवार या आसपास के क्षेत्रों से थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
राहत-बचाव कार्य जारी, घायलों का अस्पताल में इलाज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया और घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जांच शुरू, पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती तौर पर ब्रेक फेल होना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



