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MP Weather Alert: 43 जिलों में बारिश का अलर्ट, मानसून की चाल पड़ी सुस्त; ग्वालियर-चंबल में अभी और इंतजार

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद बारिश की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश भी हो सकती है। हालांकि ग्वालियर-चंबल संभाग के लोगों को अभी मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के लिए कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में प्रवेश तो कर चुका है, लेकिन फिलहाल इसकी गति कमजोर बनी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन मौजूदा मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने से मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में स्थिति में सुधार हो सकता है।

24 जून को हुई थी मानसून की आधिकारिक एंट्री

प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। उसी दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इसके बाद मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी हो गई, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटों में इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

43 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग समेत कुल 43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश

प्रदेश में शुक्रवार को कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, खंडवा, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा।

बिजली गिरने और हादसों में 5 लोगों की मौत

बारिश और आंधी के बीच प्रदेश में दो दर्दनाक हादसे भी सामने आए। बालाघाट जिले की बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग झुलस गए।

वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में सूरज पूजा के दौरान तेज आंधी और बारिश के बीच एक गैलरी ढह गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत तीन लोग घायल हो गए।

तापमान में आई बड़ी गिरावट

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री और बैतूल में 32.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन का 33.5 डिग्री, जबलपुर का 36.7 डिग्री और ग्वालियर का 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश के आंकड़ों में सुधार, लेकिन घाटा अभी बरकरार

पिछले तीन दिनों में हुई बारिश के कारण प्रदेश की औसत वर्षा स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार हो रही बारिश से वर्षा घाटा कम हुआ है, लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है।

कब बढ़ेगी मानसून की रफ्तार?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटों में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। हालांकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश पहुंचने में अभी कुछ और समय लग सकता है।

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