
पण्डित बालकृष्ण मिश्र की पुण्यतिथि पर काव्यांजलि एवं सम्मान समारोह
लखनऊ : अधिवक्ता सांस्कृतिक मंच, प्रांजल पब्लिकेशन्स और राष्ट्रीय कवि संगम रायबरेली इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून से पधारे सुविख्यात गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र ने व संचालन नगर की वरिष्ठ कवयित्री शबिस्ता बृजेश ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद रायबरेली के अध्यक्ष शत्रुघ्न सोनकर व विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेविका , साहित्यकार डॉ मनोरमा लाल रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं स्तम्भकार डॉ अनिल मिश्र ने स्मृतिशेष मिश्र के साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डालते हुए विस्तृत चर्चा की और उनसे जुड़े हुए अनेक संस्मरण साझा किए। फिरोज गांधी महाविद्यालय की पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डॉ चम्पा श्रीवास्तव ने भी मिश्र जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि शत्रुघ्न सोनकर ने एक माह के अन्दर पंडित बालकृष्ण मिश्र के नाम से मार्ग के नामकरण कराने की घोषणा की। लखनऊ से पधारे वरिष्ठ पत्रकार राजू मिश्र की बहुमूल्य उपस्थिति रही।काव्याजलि सत्र में बालकृष्ण मिश्र की कविताओं का वाचन एड0 शिवकुमार शुक्ल व नीरज पाण्डेय द्वारा किया गया। लखीमपुर से पधारे सुप्रसिद्ध गीतकवि ज्ञानप्रकाश आकुल, लखनऊ की वरिष्ठ कवयित्री सन्ध्या सिंह व अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र ने अपने प्रभावी कव्यपाठ से सभी को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर पण्डित बालकृष्ण मिश्र युवा गीतकार सम्मान से जनपद के युवा कवि सौरभ शुक्ल को सम्मानित किया गया। बालकृष्ण मिश्र के पुत्र सुधीरचन्द्र मिश्र, केशवचन्द्र मिश्र पुत्रियों नीरजा बाजपेई, शैलजा शुक्ला, तूलिका बाजपेयी एवं अनामिका (गेसू )ने सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम की आयोजिका कवयित्री एवं सभासद शबिस्ता बृजेश ने प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम को भव्य रूप में आयोजित करने की घोषणा की। कार्यक्रम के संयोजक कवि हरिमोहन वाजपेयी ‘माधव’ नें सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन किया।



