
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर गरमाई राजनीति! संजय राउत का बड़ा आरोप, बोले- मंदिर के पैसे से तोड़े जा रहे दल और खरीदे जा रहे सांसद
मुंबई: अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ियों के मामले में मुख्य आरोपी अब भी कार्रवाई से बाहर हैं और मंदिर के धन का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संजय राउत ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर से जुड़े कथित धन का उपयोग सांसदों को प्रभावित करने और राजनीतिक दलों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।
‘मुख्य आरोपी अब भी बाहर, जांच पर उठाए सवाल’
संजय राउत ने कहा कि जिन लोगों पर सबसे गंभीर आरोप हैं, वे अब भी ट्रस्ट से जुड़े पदों पर बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को हिंदुत्व का समर्थक बताने वाले कुछ लोग धार्मिक आस्था से जुड़े धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि कथित रूप से गबन किए गए धन का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और दल-बदल को बढ़ावा देने के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई नया दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।
ऑपरेशन टाइगर पर भी साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने के मुद्दे पर भी राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसे दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
राउत ने कहा कि जो लोग शिवसेना छोड़कर दूसरे गुट में गए हैं, उन्हें टाइगर नहीं कहा जा सकता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असली शिवसेना और उसकी विचारधारा आज भी उनके साथ है।
शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर फिर उठाया मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान संजय राउत ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह के विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को संस्थागत फैसलों के जरिए उनसे अलग किया गया।
राउत ने कहा कि जो लोग आज शिवसेना के नाम और प्रतीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपनी अलग पहचान के साथ चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मूल शिवसेना की विचारधारा और संगठनात्मक आधार अब भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के साथ है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बढ़ी सियासी बयानबाजी
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर विपक्ष जांच की निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।


