प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान: आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक गर्भवती महिलाओं की जांच की सुविधा उपलब्ध
जनपद की प्रत्येक चिकित्सा इकाई पर जाकर कहीं भी जो आपके नजदीक है जांच करवा कर और प्राथमिकता के आधार पर उपचार करवायें।
Meerut News: जिला महिला चिकित्सालय, मेरठ में प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के दस साल पूरे होने पर सुरक्षित गर्भावस्था स्वस्थ मां एवं सशक्त भारत थीम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० राम प्रसाद, जिला अस्पताल की एसआईसी डा. मीनाक्षी सिंह, ए०सी०एम०ओ डा0 पूजा शर्मा ने संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ० योगिता करवर डीपीएम/डीसीपीएम हरपाल सिंह, जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्श दाता इलमा अजीग, राकेश कुमार हॉस्पिटल मैनेजर, संगीता ने सहयोग किया।
जांच करवा कर और प्राथमिकता के आधार पर उपचार करवायें
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद के द्वारा समस्त गर्भवती महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जिला चिकित्सालय सामु० स्वास्थ्य केंद्र, प्राथनिक/शहरी स्वास्थ्य केंद्र एवं यहां तक की आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक गर्भवती महिलाओं की जांच की सुविधा उपलब्ध है आप जनपद की प्रत्येक चिकित्सा इकाई पर जाकर कहीं भी जो आपके नजदीक है जांच करवा कर और प्राथमिकता के आधार पर उपचार करवायें।
पीएमएसएमए दिवस पर जनपद में आयोजित की जा रही है गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पूजा शर्मा के द्वारा पीएमएसएमए दिवस पर जनपद में आयोजित की जा रही है गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। जिला महिला चिकित्सालय एस०आई०सी० डॉक्टर मीनाक्षी सिंह के द्वारा जिला चिकित्सालय की उपलब्धियां को विस्तार से बताया। इस दौरान जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया।
फोलिक एसिड की सुविधा भी उपलब्ध करायी
प्रथम तिमाही गर्भवती महिलाओं की जांच की गयी। उन्हें फोलिक एसिड की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी। ताकि गर्भावस्था के शुरूआती चरण में स्वास्थ संबंधी जोखिमों की पहचान कर उचित उपचार किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मेरठ के द्वारा फल इत्यादि का वितरण किया। इसके साथ-साथ जिला महिला चिकित्सालय में एसएनसीयू, एमएनसीयू, लेबर रूम, ओटी, और लैब का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वाली महिलाओं की समय पर पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया। यह अभियान 9 जून 2016 को शुरू किया गया था। इस मौके पर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।



