दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर यात्रियों की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 6 महीने में 3.85 करोड़ लोगों ने किया सफर

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच एयरपोर्ट से 3.85 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3.67 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर यात्रियों की संख्या में करीब 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर एयरपोर्ट्स के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों श्रेणियों में यात्री यातायात बढ़ा है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में इजाफा
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट से 2.81 करोड़ घरेलू यात्रियों ने यात्रा की, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या 1.04 करोड़ रही। दोनों श्रेणियों में बढ़ोतरी के चलते कुल यात्री यातायात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले ऊपर पहुंच गया। आंकड़े बताते हैं कि राजधानी का यह प्रमुख हवाई अड्डा घरेलू और विदेशी यात्रियों की आवाजाही के लिहाज से लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
विमानों की आवाजाही में भी 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी
यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही में भी तेजी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एयर ट्रैफिक मूवमेंट यानी एटीएम 6.9 प्रतिशत बढ़कर 2,33,331 हो गया। इसमें एयरपोर्ट पर विमानों के उतरने और उड़ान भरने की गतिविधियां शामिल होती हैं। इस अवधि में हर महीने औसतन करीब 65 लाख यात्रियों का आवागमन हुआ।
पिछले वित्त वर्ष में कई कारणों से प्रभावित हुआ था यातायात
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री यातायात में गिरावट देखी गई थी। उस दौरान हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उड़ानों में अस्थायी व्यवधानों का असर पड़ा था। इसके अलावा एयरपोर्ट के रनवे 10/28 पर उन्नयन का काम भी चल रहा था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 7.87 करोड़ यात्रियों ने आवाजाही की थी।
तीन टर्मिनल और चार रनवे से संभाली जा रही यात्रियों की आवाजाही
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर फिलहाल तीन टर्मिनल टी1, टी2 और टी3 तथा चार रनवे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 4.2 करोड़, टर्मिनल-2 की 1.4 करोड़ और टर्मिनल-3 की 5 करोड़ है। इस तरह एयरपोर्ट की कुल वार्षिक यात्री प्रबंधन क्षमता करीब 10.6 करोड़ है।
टर्मिनल-3 पर घरेलू यात्रियों के लिए सालाना 1.9 करोड़ और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 3.1 करोड़ की क्षमता निर्धारित है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट के अगले दस वर्षों के मास्टर प्लान में इसकी कुल वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर 12.5 करोड़ करने की योजना है।
अगले दस वर्षों में 12.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की तैयारी
प्रस्तावित योजना के तहत दिल्ली एयरपोर्ट की घरेलू यात्री क्षमता बढ़ाकर सालाना 8.6 करोड़ और अंतरराष्ट्रीय यात्री क्षमता 3.9 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे एयरपोर्ट की कुल यात्री प्रबंधन क्षमता 12.5 करोड़ प्रतिवर्ष हो जाएगी। यात्रियों की संख्या में मौजूदा बढ़ोतरी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए क्षमता विस्तार की यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



