पंजाब में बुजुर्गों की पेंशन पर 2507 करोड़ रुपये खर्च, 24 लाख से ज्यादा लोगों को मिला लाभ; सरकार ने रखा 4000 करोड़ का बजट

चंडीगढ़: पंजाब में बुजुर्गों को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सितंबर 2026 तक 2507.98 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से प्रदेश के 24.07 लाख बुजुर्गों को लाभ मिला है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत 4000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
पात्र बुजुर्गों तक पेंशन पहुंचाना सरकार का लक्ष्य
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पात्र बुजुर्ग तक पेंशन का लाभ पहुंचाना है, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिलने के साथ सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पेंशन के लिए आने वाले आवेदनों का सत्यापन तेजी से पूरा करने और पात्र लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
65 वर्ष के पुरुष और 58 वर्ष की महिलाएं कर सकती हैं आवेदन
मंत्री के मुताबिक, पंजाब की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए पुरुषों की आयु कम से कम 65 वर्ष और महिलाओं की आयु 58 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाले बुजुर्ग योजना के लिए पात्रता की अन्य शर्तें पूरी होने पर पेंशन का लाभ ले सकते हैं।
सालाना पारिवारिक आय 60 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 60,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। डॉ. बलजीत कौर ने जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र बुजुर्गों की पहचान करें, आवेदन करने में उनकी मदद करें और प्रक्रिया में आने वाली प्रशासनिक समस्याओं को दूर करें।
पंचायतों और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील
पंजाब सरकार ने पंचायतों, शहरी निकायों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे वृद्धावस्था पेंशन योजना की जानकारी जरूरतमंद और पात्र बुजुर्गों तक पहुंचाएं। मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ी है। सरकार का प्रयास है कि पात्रता रखने वाला कोई भी बुजुर्ग पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।



