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दिल्ली में आज से स्व-गणना की शुरुआत: घर बैठे मोबाइल से भरें जनगणना फॉर्म, जानें पूरा ऑनलाइन प्रोसेस और जरूरी बातें

राजधानी दिल्ली में जनगणना प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब लोग खुद घर बैठे मोबाइल या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भर सकेंगे। दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र में यह सुविधा आज यानी 1 मई से शुरू हो गई है और 15 मई तक उपलब्ध रहेगी। इससे पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से जारी है।

इस बार की जनगणना की सबसे खास बात “स्व-गणना” है, जिसके तहत नागरिक 16 भाषाओं में खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

घर बैठे ऐसे करें स्व-गणना, आसान स्टेप्स में समझें प्रक्रिया

स्व-गणना के लिए आपको अपने मोबाइल फोन के जरिए आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से लॉग-इन करना होगा। इसके बाद आपको अपने निवास से जुड़ी जानकारी भरनी होगी, जिसमें जिला, पिन कोड, क्षेत्र और आसपास के प्रमुख स्थानों की जानकारी शामिल होगी।

पोर्टल पर एक डिजिटल नक्शा भी दिखाई देगा, जहां आप अपने घर की लोकेशन चिन्हित कर सकते हैं। इसके बाद पूछे गए सभी सवालों के जवाब देने होंगे। हर प्रश्न के साथ विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से सही विकल्प चुनना होगा।

फॉर्म पूरा भरने के बाद एक सेल्फ एन्युमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट होगी, जो आपको एसएमएस या ईमेल के जरिए मिलेगी। जब सरकारी गणनाकर्ता सत्यापन के लिए आपके घर आएगा, तब यह आईडी दिखानी होगी।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

यह जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची और आवास से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरे चरण में लोगों की गिनती की जाएगी।

पहले चरण के दौरान घर से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान का प्रकार, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, परिवार के सदस्यों की संख्या, रसोई, शौचालय, पानी की सुविधा, ईंधन का प्रकार और घर में उपलब्ध सुविधाएं जैसे मोबाइल, इंटरनेट, वाहन आदि शामिल हैं।

16 मई से शुरू होगा हाउसिंग सर्वे, तब होगा सत्यापन

ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद 16 मई से हाउसिंग सर्वे शुरू होगा। इस दौरान सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर आपके द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसलिए ऑनलाइन फॉर्म भरते समय सही और सटीक जानकारी देना जरूरी है।

डिजिटल जनगणना की नई पहल, पहली बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। गणनाकर्ता भी विशेष मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रह करेंगे। यह स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी, जबकि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी।

सरकार के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया गोपनीय होगी और इसकी जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मशीनरी इस प्रक्रिया को लागू करेगी, जबकि केंद्रीय स्तर पर इसकी निगरानी की जा रही है।

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