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कांवड़ मेले में दुकान लगाने वालों के लिए सख्त नियम, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी अनुमति; सीएम धामी ने दिए साफ निर्देश

हरिद्वार: उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ मेले को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मेले में दुकान लगाने के इच्छुक सभी लोगों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वैध प्रमाणपत्र रखना भी जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि गंदगी फैलाने, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने और नाम बदलकर दुकान संचालित करने जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के स्वागत और उनकी सुविधाओं के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

दुकानदारों के लिए इन नियमों का पालन जरूरी

सीएम धामी ने कहा कि कांवड़ मेले में दुकान लगाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास पंजीकरण और वैध प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। साथ ही किसी भी प्रकार की गंदगी, खाद्य मिलावट या संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नाम बदलकर दुकान चलाने से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि धर्मनगरी के नागरिक, साधु-संत और सभी संबंधित पक्ष मिलकर कांवड़ियों का स्वागत करेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं से भी यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

235 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलकनंदा होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया।

इनमें 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया गया। वहीं 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी और सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।

महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं महाकुंभ-2027 और हर वर्ष हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं तथा कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को भी आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सरकार का जोर

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अलावा केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

महाकुंभ-2027 को सबसे भव्य बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियों को लागू किया गया है।

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