
उद्यमिता और नेतृत्व प्रेरक अनुभवों से रूबरू हुए विद्यार्थी
आरएसएमटी में छात्र प्रेरण कार्यक्रम 2026 का समापन
वाराणसी : राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (RSMT), वाराणसी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित सप्ताहव्यापी छात्र प्रेरण कार्यक्रम 2026का समापन प्रेरणादायी समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की थीम ” उद्यमियों की आवाज़: कक्षा से परे सीख” रही। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजेश भाटिया, राष्ट्रीय सचिव, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) एवं अध्यक्ष, द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में नीरज पारिख, बृजेश केशरी, टी. गजानन जोशी, सत्य प्रकाश मालवीय एवं अरुणेश रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। सत्य प्रकाश मालवीय ने अपने जीवन का उदाहरण देकर सभी छात्रों को प्रेरित किया और छात्रों के जिज्ञासा को शांत किया।

टी.गजानन जोशी, चेयरमैन ऑफ स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन ने छात्रों को जीवन के मूल्यों को और लक्ष्य के बारे में विस्तार से चर्चा किया और समझाया। अरुणेश रावत ने सॉफ्ट स्किल के बारे में विस्तार से बताया। सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई और भारत को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रो. अमन गुप्ता, निदेशक प्रभारी, आर एसएमटी ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, व्यावसायिक कौशल विकसित करने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार, उद्यमिता, नैतिक व्यावसायिक व्यवहार तथा कक्षा से आगे सीखने के महत्व से अवगत कराया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को चुनौतियों को अवसरों में बदलने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सप्ताहभर चले इस प्रेरण कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों एवं उद्यमियों द्वारा विभिन्न ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए, जिनसे विद्यार्थियों को समग्र सीखने का अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले छात्र स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. प्रीति सिंह एवं डॉ. सी.पी. सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षकगण एवं छात्र स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



