
पटना: बिहार में स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर टोल टैक्स वसूली की तैयारी तेज हो गई है। राज्य के 50 स्टेट हाईवे और राज्य सरकार के अधीन बने 45 पुलों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। सर्वे के दौरान इन सड़कों और पुलों से गुजरने वाले वाहनों की कैमरों के जरिए सात दिनों तक रिकॉर्डिंग की गई। अब इस आंकड़े के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके बाद तय होगा कि किन सड़कों और पुलों पर टोल वसूला जाएगा।
वाहनों की संख्या के आधार पर होगा फैसला
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, सर्वे में दर्ज आंकड़ों से रोजाना औसतन गुजरने वाले वाहनों की संख्या का आकलन किया जाएगा। जिन स्टेट हाईवे और पुलों पर वाहनों का आवागमन अधिक होगा, उन्हें टोल वसूली के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है। सर्वे की रिपोर्ट मिलने और उसके अध्ययन के बाद ही यह तय होगा कि 50 स्टेट हाईवे और 45 पुलों में से कितने स्थानों पर टोल टैक्स लगाया जाएगा।
संबंधित एजेंसी की ओर से इस महीने ही रिपोर्ट पथ निर्माण विभाग को सौंपे जाने की उम्मीद है। इसके बाद विभाग आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
निजी वाहनों को टोल से राहत
बिहार सरकार निजी वाहनों को प्रस्तावित टोल टैक्स से बाहर रखने की तैयारी में है। स्टेट हाईवे और पुलों पर निजी वाहनों से टोल नहीं लेने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे जल्द राज्य कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 जुलाई 2026 को घोषणा की थी कि राज्य के स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर निजी वाहनों से किसी भी तरह का टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक टोल का भुगतान केवल व्यावसायिक वाहनों को करना होगा।
सड़क की चौड़ाई के हिसाब से तय होगी दर
राज्य की टोल नीति के तहत दो लेन से अधिक लेकिन चार लेन से कम चौड़े स्टेट हाईवे पर निर्धारित टोल दर का 60 प्रतिशत लिया जाएगा। चार लेन या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर पूरी यानी 100 प्रतिशत दर लागू होगी। वहीं 5.5 मीटर चौड़ी मध्यवर्ती लेन वाली सड़क पर निर्धारित दर का 50 प्रतिशत टोल लिया जाएगा।
पुलों के मामले में उसकी लंबाई को 10 गुना करके टोल की गणना की जाएगी। उदाहरण के तौर पर 50 किलोमीटर लंबी सड़क में अगर पांच किलोमीटर का पुल और 45 किलोमीटर सड़क का हिस्सा है, तो टोल की गणना 45 और 50 को जोड़कर कुल 95 किलोमीटर के आधार पर की जाएगी।
व्यावसायिक वाहनों के लिए प्रस्तावित टोल दरें
छोटे व्यावसायिक वाहन, जिनमें मिनी बस और माल वाहक वाहन शामिल हैं, से 2 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टोल लिया जाएगा।
दो धुरी वाले बस और ट्रक के लिए दर 4.25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित है। तीन धुरी वाले व्यावसायिक वाहनों से 4.60 रुपये प्रति किलोमीटर लिया जाएगा।
छह धुरी वाली भारी निर्माण मशीनरी और अर्थ मूविंग उपकरणों के लिए टोल की दर 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर होगी। वहीं सात या उससे अधिक धुरी वाले विशाल आकार के वाहनों से 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा।
कितने हाईवे और पुल टोल के दायरे में आएंगे, अभी फैसला बाकी
फिलहाल सर्वे किए गए सभी 50 स्टेट हाईवे और 45 पुलों पर टोल लगना तय नहीं है। वाहनों की आवाजाही, सर्वे के आंकड़ों और रिपोर्ट के अध्ययन के बाद सरकार यह फैसला करेगी कि किन सड़कों और पुलों से व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूला जाए।



