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बारिश के मौसम में बढ़ा आई फ्लू का खतरा! आंखों में दिखें ये 5 संकेत तो तुरंत हो जाएं सतर्क, लापरवाही पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली: मानसून के दौरान बढ़ती नमी और संक्रमण फैलाने वाले वायरस व बैक्टीरिया की सक्रियता के कारण आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस के मामलों में तेजी देखी जा रही है। इस संक्रमण के दौरान आंखों में लालपन, जलन, दर्द और लगातार पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना कई बार परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में आंखों में किसी भी तरह की असामान्य समस्या दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

क्या होता है कंजंक्टिवाइटिस?

कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में आई फ्लू या पिंक आई भी कहा जाता है, आंख की कंजंक्टाइवा नामक पतली और पारदर्शी झिल्ली में होने वाली सूजन या संक्रमण है। यह झिल्ली आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को ढकती है। संक्रमण या एलर्जी होने पर आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें खुजली, जलन तथा पानी आने जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। मानसून के मौसम में नमी बढ़ने, वायरस के अधिक सक्रिय होने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने और गंदे हाथों से आंखों को छूने के कारण यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

आई फ्लू के 5 प्रमुख लक्षण

आंखों का लाल होना कंजंक्टिवाइटिस का सबसे सामान्य संकेत माना जाता है। संक्रमण के कारण आंखों का सफेद हिस्सा गुलाबी या लाल दिखाई देने लगता है।

आंखों से लगातार पानी आना भी इसका प्रमुख लक्षण है। कई मामलों में सामान्य आंसुओं के साथ चिपचिपा स्राव भी निकल सकता है।

आंखों में खुजली, जलन और किरकिराहट महसूस हो सकती है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे आंख में धूल या रेत का कोई कण फंस गया हो।

संक्रमण बढ़ने पर आंखों से पीला, सफेद या हरे रंग का चिपचिपा स्राव निकल सकता है। सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपक जाना और पलकों में सूजन भी दिखाई दे सकती है।

तेज रोशनी से आंखों में चुभन और अस्थायी धुंधलापन महसूस हो सकता है। यदि धुंधलापन अधिक हो या तेज दर्द हो तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस दौरान मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल भी कम करने की सलाह दी जाती है।

कंजंक्टिवाइटिस से बचाव कैसे करें?

संक्रमण के दौरान गंदे हाथों से बार-बार आंखों को छूने से बचें। किसी अन्य व्यक्ति का तौलिया या रुमाल इस्तेमाल न करें।

जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, उन्हें संक्रमण पूरी तरह ठीक होने तक लेंस का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों में परेशानी बढ़ सकती है।

आंखों की नियमित सफाई बनाए रखें और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचें ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो।

यदि आंखों में दर्द, जलन, चुभन, लालपन या किसी भी प्रकार की असामान्य परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और स्वयं दवा लेने से बचें।

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