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व्हाइट हाउस के पास ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंप, ट्रंप अंदर मौजूद थे; FBI और सीक्रेट सर्विस हाई अलर्ट पर

वॉशिंगटन: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब व्हाइट हाउस के पास अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। घटना के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर मौजूद थे और ईरान से जुड़े एक अहम समझौते पर काम कर रहे थे।

फायरिंग की घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा एजेंसियों ने घेर लिया और व्हाइट हाउस परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सीक्रेट सर्विस, FBI और नेशनल गार्ड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

20 से ज्यादा राउंड फायरिंग से दहशत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इलाके में अचानक 20 से 25 राउंड गोलियां चलीं, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कनाडाई पर्यटक रीड एड्रियन ने बताया कि शुरुआत में गोलियों की आवाज पटाखों जैसी लगी, लेकिन कुछ ही सेकंड में लोग जान बचाने के लिए भागने लगे।

व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन में मौजूद पत्रकारों को तत्काल प्रेस ब्रीफिंग रूम के भीतर जाने के निर्देश दिए गए।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध हमलावर सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

कैमरे में कैद हुई गोलियों की आवाज

घटना के दौरान एबीसी न्यूज की संवाददाता सेलिना वांग सोशल मीडिया के लिए वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं। इसी दौरान अचानक गोलियां चलने लगीं। वीडियो में लगातार फायरिंग की आवाजें साफ सुनाई दे रही हैं। खुद को बचाने के लिए उन्हें जमीन पर लेटना पड़ा।

FBI और नेशनल गार्ड ने संभाला मोर्चा

फायरिंग के तुरंत बाद FBI और सीक्रेट सर्विस की टीमों ने पूरे व्हाइट हाउस इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया। FBI निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एजेंसी की टीमें सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर नेशनल गार्ड के जवानों ने डाउनटाउन वॉशिंगटन के कई रास्तों को बंद कर दिया है।

ट्रंप की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 79 वर्षीय ट्रंप पहले भी तीन बार कथित हमलों या सुरक्षा चूक की घटनाओं का सामना कर चुके हैं।

हाल ही में 25 अप्रैल को भी एक हथियारबंद व्यक्ति ने उस मीडिया कार्यक्रम के पास सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी, जहां ट्रंप मौजूद थे। ताजा घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

हमले की जांच जारी

सीक्रेट सर्विस और अन्य एजेंसियां हमलावर की पहचान, उसके मकसद और संभावित खतरे की जांच में जुटी हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।

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