ईरान पर अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला! कई शहरों में गूंजे धमाके, रेलवे ब्रिज ध्वस्त, चाबहार में बिजली गुल, ट्रंप ने दी और कड़ी चेतावनी

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। बंदर अब्बास, सीरिक समेत कई क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जहां लगातार तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, बंदर अब्बास और सीरिक में हुए हमलों के दौरान कई जोरदार विस्फोट हुए। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी हमले में दो मछुआरों की मौत हुई है। हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क कर दी गई है।
चाबहार में बिजली आपूर्ति ठप, एयर डिफेंस हुआ सक्रिय
ईरानी मीडिया के मुताबिक चाबहार और कोनारक के आसपास भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार ताजा हमलों के बाद चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई। वहीं अक्काला क्षेत्र में रेलवे ब्रिज को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई रणनीतिक ठिकानों को हुआ नुकसान
ईरान की सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार अबू मूसा द्वीप पर 10 धमाके दर्ज किए गए। चाबहार और कोनारक में भी 10 विस्फोटों की सूचना है। चाबहार में एक अस्पताल परिसर पर दागे गए हथियार का मलबा गिरा, जबकि शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बंदर अब्बास में आठ और सीरिक में तीन धमाकों की पुष्टि की गई है।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार बुशेहर में दो प्रोजेक्टाइल गिरे, जबकि जास्क क्षेत्र में भी कई धमाके हुए। इन घटनाओं के बाद ईरान के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
ट्रंप बोले- दोबारा हमला हुआ तो जवाब और भी ज्यादा सख्त होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चाबहार में हमलों के बाद उठती आग की लपटों की तस्वीर अपने सोशल मीडिया मंच पर साझा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से एक दिन पहले जहाजों पर किए गए हमले का जवाब है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई दोहराई गई तो अमेरिका की प्रतिक्रिया इससे भी अधिक गंभीर होगी।
अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की पुष्टि की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर शुरू किया गया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज क्षेत्र में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है।
पहले ही दे चुके थे बड़े हमले के संकेत
इस सैन्य कार्रवाई से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिका जोरदार जवाब देने के लिए तैयार है। तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से पहले भी ट्रंप ने संकेत दिए थे कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। वहीं नाटो ने भी अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है।



