अन्तर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान में खूनी आतंकी हमला! बलूचिस्तान में 17 पुलिसकर्मियों की हत्या, 15 जवानों को बंधक बनाने से मचा हड़कंप

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार देर रात सुरक्षा बलों पर हुए बड़े आतंकी हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी। जियारत जिले में निर्माणाधीन मांगी बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम 17 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 15 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया। हमले में कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

बताया जा रहा है कि हमला बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। देर रात हमलावरों ने पहले पुलिस चौकी पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। हमलावरों ने चौकी पर कब्जा करने की भी कोशिश की और काफी देर तक दोनों ओर से गोलीबारी होती रही। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुठभेड़ में कई पुलिस अधिकारियों को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, 15 पुलिसकर्मियों के लापता होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पीछे हटते समय हमलावर उन्हें अपने साथ बंधक बनाकर ले गए।

दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मारे गए, सर्च ऑपरेशन जारी

जियारत जिले के उपायुक्त अब्दुल कुद्दूस अचकजई ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों ने मांगी बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग की। उन्होंने कहा कि मृतकों में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। लापता पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जवाबी कार्रवाई में 15 संदिग्ध आतंकवादी ढेर

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जियारत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान तहरीक-ए-पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) के 15 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया गया। हालांकि, अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां टीटीपी के साथ-साथ स्थानीय बलूच अलगाववादी संगठनों पर भी संदेह जता रही हैं।

गृह मंत्री बोले- दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शहीद हुए सभी पुलिसकर्मी देश का गौरव हैं और उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने का भरोसा भी दिया।

क्वेटा की पेयजल जरूरतों से जुड़ी है मांगी बांध परियोजना

मांगी बांध परियोजना बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में बढ़ते पेयजल संकट को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस पर अरबों रुपये की लागत आ रही है। परियोजना पूरी होने के बाद क्वेटा और आसपास के क्षेत्रों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

दशकों से हिंसा और अलगाववाद की चपेट में है बलूचिस्तान

अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगा बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अलगाववाद और आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। यहां सक्रिय उग्रवादी संगठन पाकिस्तान सरकार से अधिक स्वायत्तता, प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण और विकास कार्यों में हिस्सेदारी की मांग करते रहे हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर पहले भी कई बड़े हमले हो चुके हैं।

Related Articles

Back to top button