
पटना: बिहार सरकार राज्य की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पटना के पुनपुन क्षेत्र में अत्याधुनिक बिहार न्यायिक अकादमी विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भवन निर्माण विभाग ने देश की प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर और प्लानिंग फर्मों से डिजाइन और मास्टर प्लान तैयार करने के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। परियोजना के स्वरूप और पात्रता मानकों को देखते हुए इसे बड़े स्तर के आधुनिक न्यायिक प्रशिक्षण परिसर के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा न्यायिक परिसर
विभाग के अनुसार चयनित फर्म को अकादमी के लिए व्यापक वास्तु और प्लानिंग सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक शैक्षणिक भवन, उन्नत प्रशिक्षण केंद्र, स्मार्ट क्लास रूम, सेमिनार हॉल, कॉन्फ्रेंस सुविधाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन और आवासीय परिसर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
न्यायिक अधिकारियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तरीय न्यायिक प्रशिक्षण और शोध केंद्र की स्थापना करना है। यहां न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और विधि क्षेत्र से जुड़े कर्मियों को नई कानूनी व्यवस्थाओं, डिजिटल न्याय प्रणाली और आधुनिक न्यायिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार इस अकादमी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना चाहती है ताकि न्यायिक व्यवस्था में तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके।
प्री-बिड बैठक और निविदा प्रक्रिया का कार्यक्रम तय
इस परियोजना को लेकर प्री-बिड बैठक 22 मई को आयोजित की जाएगी। वहीं तकनीकी निविदा एक जुलाई को खोली जाएगी। इसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। विभाग की कोशिश है कि परियोजना के लिए अनुभवी और बड़े स्तर की पेशेवर संस्थाओं का चयन किया जाए।
अनुभवी आर्किटेक्ट फर्मों को ही मिलेगा मौका
भवन निर्माण विभाग ने पात्रता को लेकर भी कड़े मानक तय किए हैं। आवेदन करने वाली आर्किटेक्ट फर्मों के पास 400 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना या 300-300 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं अथवा 200-200 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं में कार्य का अनुभव होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कम से कम 10 वर्षों का अनुभव और पेशेवर फीस के रूप में एक करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर की शर्त भी रखी गई है।
न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की बड़ी पहल
राज्य सरकार की इस पहल को बिहार की न्यायिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आधुनिक न्यायिक अकादमी बनने के बाद राज्य में न्यायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।



