आईपीएस धमकी के मामले में मुलायम पर होगा केस, कोर्ट का ऑर्डर

दस्तक टाइम्स/एजेंसी
लखनऊ. सस्पेंड किए गए आईपीएस अमिताभ ठाकुर को फोन पर कथित तौर पर धमकी देने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव पर मुकदमा दर्ज करने का ऑर्डर दिया है। सीजेएम सोमप्रभा मिश्रा ने अमिताभ ठाकुर की अर्जी और हजरतगंज थाने के रिपोर्ट न दर्ज करने पर सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज करने और कोर्ट को इस केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट देने का ऑर्डर दिया।अदालत ने इससे पहले राजधानी की हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर से इस मामले में आख्या मांगी थी। इस पर इंस्पेक्टर विजयमल सिंह यादव ने कोर्ट को बताया था कि मुलायम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अमिताभ ठाकुर पब्लिसिटी लेना चाहते हैं। सीजेएम ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश देते हुए कहा है कि भले ही अमिताभ पब्लिसिटी लेना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने ये जानकारी नहीं दी कि उनकी एफआईआर पर मुलायम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया या नहीं। अदालत के मुताबिक वादी की ओर से दिए गए साक्ष्यों के तहत ये आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) का मामला लगता है।। बता दें कि फिरोजाबाद में एसपी रहते वक्त अमिताभ ठाकुर को मुलायम सिंह के समधी रामवीर सिंह ने पिटवाया था। जिसकी एफआईआर उस वक्त अमिताभ ने दर्ज कराई थी। मुलायम से उनकी कथित बातचीत का ऑडियो आईपीएस की पत्नी और सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने जारी किया था।अमिताभ ने अगले दिन लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुलायम के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इससे बाद अमिताभ ठाकुर पर रेप का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
अमिताभ ठाकुर ने मुलायम के खिलाफ एफआईआर के लिए 11 जुलाई को हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विजयमल सिंह यादव को तहरीर दी थी। जब उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो उन्होंने 23 जुलाई को एसएसपी लखनऊ राजेश पांडेय को एप्लिकेशन भेजी थी। इंस्पेक्टर ने 17 जुलाई को एक चिट्ठी लिखकर अमिताभ ठाकुर को बताया था कि उनकी शिकायत की जांच की गई और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद मुलायम को क्लीन चिट मिल गई थी।



