अद्धयात्म

अगर बिजनेस में हो रहा है घाटा तो जरुर करें इस मंदिर के दर्शन

कैंची धाम

आज के वक्त में जब भारतीय बाजार की हालत आर्थिक दृष्टि से काफी मंदी चल रही है। जिसमें सबसे ज्यादा घाटा व्यापारियो को हो रहा है।अब बाजार के उठने का अनुमान तो एक अर्थशास्त्री ही बता सकता है।लेकिन कहते हैं ना जंहा खुद का बस न चले वहां सब बिगङी बनाने वाले पर छोङ देना चाहिए। इसलिए अगर आपका भी कोई बिजनेस हैं और आप अपने बिजनेस में हो रहे घाटे से बचना चाहते हैं । तो भारत के नैनीताल शहर में स्थित कैंची धाम में अर्जी लगा सकते हैं।

अगर बिजनेस में हो रहा है घाटा तो जरुर करें इस मंदिर के दर्शन

नैनीताल का ये कैंची धाम मंदिर बिजनेसमैनस के लिए काफी लकी माना जाता है। और शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि  वर्ल्ड फेमस सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के मालिक मार्क जुगलर्बग भी  इस मंदिर में उस वक्त दर्शन के लिए आए थे । जब फेसबुक नई सोशल साइट्स और चैटिंग एप के आने से घाटे में चल रही थी। और यहाँ आने का सुझाव मार्क जुगलर्बग को उनके फ्रेंड और एपल कंपनी  के स्थांपक स्टीव जाॅब्स  ने दिया था।

जो खुद भी कैंची धाम में आकर इस मंदिर की अद्भुत ताकत को देख चुके है। मार्क जुगलर्बग यहाँ दर्शन करने आए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें यहाँ दो दिन ठहरना पड़ा था। जिस वजह से उन्हें यहाँ रहकर बाबा की कृपा मिली और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने की सोच भी। मार्क जुगलर्बग और स्टीव जाॅब के लिए भारत के कई बड़े उघोगपति और एक्टर एक्टर्स भी अपने करियर की नयां को पार लगाने की अर्जी लेकर यहाँ आ चुके है। लेकिन क्या आपको पता है कैंची धाम में ऐसा क्या हैं जो व्यापारियो की परेशानियां यहाँ आकर खत्म हो जाती है।

कैंची धाम उत्तराखंड के खूबसूरत शहर नैनीताल में स्थित है। इस धाम में हनुमान जी का अद्भुत मंदिर हैं । और मंदिर से जुड़ा हैं धर्मशाला । जहाँ शरणार्थी आकर ठहरते हैं। इस मंदिर और धर्मशाला का निर्माण  बाबा नीम किरौली ने करवाया था जिसे हनुमान जी का अवतार भी माना जाता था। इस धाम में बाबा ने समाधि ली थी। और अब इस धाम में हनुमान जी और बाकी देवी देवताओं के साथ बाबा किरौली की भी मूर्ति  स्थापित कर दी गई है।

बाबा किरौली के संदर्भ में वैसे तो बहुत कहानियाँ मशहूर हैं लेकिन एक कहानी के अनुसार एक बार मंदिर में प्रसाद बनाने के लिए घी कम पड़ गया था उस वक्त बाबा के कहने पर नीचे नदी से पानी भरकर लाया गया और उसे घी की जगह इस्तेमाल किया गया । इस्तेमाल करते वक्त लोगों ने पाया कि वो पानी घी में परिवर्तित हो गया है । अब चाहे ये किस्से कहानियाँ  ही क्यों न हो। लेकिन  बिगड़ी बनाने वाले इस मंदिर पर लोगों की आस्था ही इस मंदिर के आस्तितव का आधार हैं।

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