देहरादून, 30 अप्रैल 2026। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में अहम समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें चारधाम यात्रा मार्गों के मानसून सीजन से पहले दुरुस्तीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, बीआरओ, एनएचएआई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरे करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभागों को समन्वय के साथ तेजी से काम करना होगा।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून से पहले सभी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपायों को लागू करना बेहद जरूरी है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बॉटलनेक पॉइंट्स पर सुधार और संसाधनों में बढ़ोतरी
बैठक में चारधाम यात्रा मार्गों पर मौजूद बॉटलनेक पॉइंट्स को चिन्हित कर उनके सुधार पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि जहां-जहां सड़कें संकरी हैं या जाम की स्थिति बनती है, वहां सुधार कार्य तेजी से किया जाए। साथ ही, आवश्यक उपकरणों और मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एनएचएआई और टीएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली के जिलाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों और कार्य प्रगति की जानकारी साझा की।




