पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। चंडाक रोड पर तैयार हो रहा यह अत्याधुनिक संस्थान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार के ‘हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस यह मेडिकल कॉलेज न केवल पिथौरागढ़ बल्कि नेपाल और तिब्बत सीमा से जुड़े दूरस्थ इलाकों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। मानकों के अनुरूप 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले इस संस्थान के जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
मेडिकल कॉलेज का निर्माण आधुनिक पहाड़ी तकनीक और उच्च गुणवत्ता मानकों के आधार पर किया जा रहा है। परिसर में विशाल शैक्षणिक भवन, आधुनिक प्रयोगशालाएं, उन्नत चिकित्सा उपकरण, समृद्ध पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके चलते यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
स्थानीय छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से सीमांत क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
रोजगार और विकास को भी मिलेगी रफ्तार
यह परियोजना केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। मेडिकल कॉलेज के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय विकास को मजबूती मिलेगी।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने के लक्ष्य पर सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उनके अनुसार पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह संस्थान उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।





