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15 जून को बन रहा दुर्लभ सोमवती अमावस्या का संयोग, राशि अनुसार शिव अभिषेक से मिल सकते हैं शुभ फल

नई दिल्ली : सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह संयोग भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में सोमवती अमावस्या 15 जून को पड़ रही है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के बीच इस तिथि को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक और पूजा करने से आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना भी करते हैं।

राशि अनुसार अभिषेक का भी है विशेष महत्व

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राशि के अनुरूप शिवलिंग का अभिषेक करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है। इसी आधार पर विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग सामग्री से अभिषेक करने की परंपरा प्रचलित है।

मेष से कर्क राशि तक के लिए ये हैं शुभ उपाय

मेष राशि के जातकों के लिए गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक शुभ माना गया है। वृषभ राशि के लोग गंगाजल में दूध मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए दूध और दूर्वा का प्रयोग लाभकारी माना जाता है, जबकि कर्क राशि के लोगों को दही से अभिषेक करने की सलाह दी जाती है।

सिंह से वृश्चिक राशि तक अभिषेक की सामग्री

सिंह राशि के जातक गंगाजल में लाल पुष्प मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं। कन्या राशि के लोगों के लिए गंगाजल और दूर्वा का प्रयोग शुभ माना गया है। तुला राशि के जातकों को पंचामृत से अभिषेक करना लाभकारी माना जाता है। वहीं वृश्चिक राशि के लोग दूध और शहद से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।

धनु से मीन राशि तक के लिए विशेष परंपरा

धनु राशि के जातकों के लिए दूध में केसर मिलाकर अभिषेक करना शुभ माना गया है। मकर राशि के लोग गंगाजल में काले तिल डालकर अभिषेक कर सकते हैं। कुंभ राशि के जातकों को नारियल जल से और मीन राशि के लोगों को गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने की सलाह दी जाती है।

दान-पुण्य और पितरों के स्मरण का विशेष दिन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, दान-पुण्य तथा पितरों का स्मरण विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए धार्मिक कार्यों से आध्यात्मिक संतोष और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

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