अद्धयात्म

जल की धारा में करे सूर्यदेव के दर्शन

पुराने ज़माने से ही सूर्य पूजा का रिवाज चला आ रहा है जो आज भी कायम है.सूर्य पूजा में सूर्यदेव को चढाने को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.सूर्यदेव को जल चढाने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान मिलता है. परेशानियां दूर होती हैं. पर सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है.इससे जल्दी ही शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं. जल की धारा में करे सूर्यदेव के दर्शन   1-हमेशा नहाने के बाद ही सूर्यदेव को जल चढ़ाये.

2-अगर आपको जल चढ़ाते वक़्त बादलो के कारन सूर्यदेव दिखाई ना दे तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके जल चढ़ाये.

3-सूर्यदेव को जल चढाने के लिए हमेशा ताम्बे के लोटे का ही प्रयोग करे.कभी भी चांदी,कांच या स्टील के ग्लास से इनको जल ना चढ़ाये.

4-अगर आप सूर्यदेव को जल चढ़ाते वक़्त ताम्बे के लोटे में लाल फूल और चावल डाल कर जल चढ़ायेगे तो आपकी सभी मनोकामनाए पूरी हो जाएगी.

5-सूर्यदेव को जल चढ़ाते वक़्त सीधे उनके दर्शन नहीं करने चाहिए,बल्कि जो जल आप सूर्यदेव को चढ़ा रहे है तो हमेशा उसकी धार में ही सूर्यदेव के दर्शन करे.

 

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