अद्धयात्म

दीपावली पर इस तेल के जलाएं दिए तो बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

किसी भी तरह की पूजा पाठ के दौरान अक्सर दीपक जलाया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर कुछ खास तरह और खास तेल के दिए जलाए जाएं तो मां लक्ष्मी की उस घर और उस जातक पर हमेशा कृपा बनी रहती है। दियों के उपायो से कई महत्‍वपूर्ण कार्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं आइए जानें उनके बारे में-

दीपावली पर इस तेल के जलाएं दिए तो बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

अगर दुर्भाग्य आपका पीछा नहीं छोड़ रहा है तो गेहूं के आटे और गुड़ के पुए को सरसों के तेल में सेंककर सात मदार या आक के फूल, सिंदूर, आटे का दीपक, पत्तल या अरंडी के पत्तल पर रखकर शनिवार की रात किसी चौराहे पर रख आएं और पीछे मुड़कर ना देखें।

अनिष्ट या फिर अन्य किसी बाधा से बचने के लिए कच्ची घानी के तेल में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। इससे हर तरह की बाधा से मुक्ति मिलेगी और साथ ही धन की भी प्राप्ति होगी। तिल के तेल में थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर लोहे के दीपक जलाएं और इसे शमी के पेड़ के सामने जलाएं। इसके बाद इस दीपक को जल में प्रवाहित कर दें।

लगातार आठ शनिवार तक ऐसा करने से घर खरीदने की आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी। अगर आपका व्यवसाय शिथिल पड़ गया है, आपको अत्याधिक आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो किसी साफ शीशी में सरसों का तेल भरकर उसे किसी तालाब या नदी में डाल दें। ऐसा करने से मंदी का दौर आपको परेशान करना बंद कर देगा।

अगर आपको अपनी कोई मनोकामना पूर्ण करवानी है तो शनिवार या मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाकर तिल का तेल चढ़ाएं। ध्यान रहे, हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक नहीं जलाया जाता वरन् उनके शरीर पर चमेली का तेल लगाया जाता है।

शनिवार के दिन आपको सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर उसे शनि मंदिर में रख आएं। इसके अलावा शनिदेव पर तेल भी चढ़ाएं, ऐसा करने से उनकी कृपा हमेशा आप के ऊपर बनी रहेगी।

असाध्य रोगों से मुक्ति पाने के लिए लगातार 41 दिनों तक पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा विभिन्न साधनाओं के लिए भी तिल के तेल का प्रयोग अच्छा माना गया है।

शनिवार के दिन सरसों के तेल में सवा किलो आलू और बैंगन की सब्जी बनाकर, सवा किलो आटे की पूड़ियों के साथ नेत्रहीनों, विकलांगों और निर्धन लोगों को भोजन करवाएं। लगातार तीन शनिवार तक ऐसा करने से शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं।

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