अन्तर्राष्ट्रीयस्पोर्ट्स

धौनी की गलत कप्तानी से इंग्लैंड को मिली बढ़त

dhoniलंदन । लॉड्र्स पर इंग्लैंड और भारत के बीच जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार को भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी द्वारा सीरीज के अपने सफलतम गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का सही इस्तेमाल न करने की वजह से इंग्लैंड पहली पारी में भारत पर 24 रन की बढ़त पाने में सफल रहा। भुवनेश्वर इस सीरीज में बेहद शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। ट्रेंट ब्रिज में हुए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने करियर में पहली बार पारी में पांच विकेट हासिल किए और अब लॉड्र्स में उन्होंने 82 रन देकर छह विकेट चटकाकर अपना नाम लॉड्र्स के सम्मान पटल पर दर्ज करवा लिया है। मैच के दूसरे दिन हासिल किए गए चार में से तीन विकेट भुवनेश्वर ने नर्सरी छोर से लिए थे। वास्तव में भुवनेश्वर नर्सरी छोर से बेहद प्रभावी हैं और उन्हें अधिकतर उसी छोर से गेंदबाजी का मौका देना चाहिए था। कारण यह है कि क्रीज के पवेलियन छोर पर अपेक्षाकृत अधिक घास है जिसका भुवनेश्वर ने स्विंग हासिल करने के लिए बेहतरीन इस्तेमाल किया। पवेलियन छोर से हवा भी तेज चल रही थी लेकिन उसकी दिशा में लगातार बदलाव होता रहा। खेल शुरू होने से पहले करीब एक घंटे बारिश भी हुई थी। आकाश बादलों से ढका था और गेंद भी सिर्फ छह ओवर पुरानी थी। कुल मिलाकर भुवनेश्वर को नर्सरी छोर से गेंदबाजी के लिए आमंत्रित करने के एकदम अनुकूल था। खेल के तीसरे दिन लेकिन धौनी ने भुवनेश्वर को नर्सरी छोर की बजाय पवेलियन छोर से गेंदाबजी सौंपी और भुवनेश्वर अपने शुरुआती तीन ओवर के स्पेल में पिच का खास फायदा नहीं उठा सके। यहां तक कि इशांत शर्मा भी नर्सरी छोर का फायदा उठाने में नाकाम रहे। परिणामस्वरूप लिएम प्लंकेट ने करियर का पहला अर्धशतक लगा डाला। प्लंकेट की यह अर्धशतकीय पारी इंग्लैंड को पहली पारी में बढ़त लेने में विशेष महत्वपूर्ण रहा। धौनी ने जैसे ही भुवनेश्वर का छोर बदलकर उन्हें नर्सरी छोर से गेंदबाजी के लिए आमंत्रित किया उन्होंने एक ही ओवर में बेन स्टोक्स और स्टुअर्ट के विकेट चटका दिए। इंग्लैंड को 24 रनों की मिली यह बढ़त भले बड़ी बढ़त न हो पर टीम को मानसिक स्थिरता प्रदान करने के लिए बढ़त नाम ही काफी होता है। सही निर्णय के जरिए धौनी यह मानसिक बढ़त अपने बल्लेबाजों को दिला सकते थे लेकिन वे इसका मौका चूक गए।

Related Articles

Back to top button