अद्धयात्मफीचर्डराष्ट्रीय

सावन में घर बैठे पाएँ काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर मंदिर का प्रसाद

kashi vishwanath, Varanasi Banaras-Lord Shivaजोधपुर : सावन के महीने में भगवान शंकर की पूजा और उनके प्रसाद की बड़ी महिमा है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रसाद मिल सके। ऐसे में डाक विभाग ने इस बात के प्रबन्ध किये हैं कि देश के किसी भी कोने में बैठे शिवभक्त दो प्रमुख ज्योतिर्लिंगों – काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस और महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन का प्रसाद घर बैठे स्पीड पोस्ट द्वारा ग्रहण कर सकें। गौरतलब है कि हाल ही में डाक विभाग ने प्रधान डाकघरों के माध्यम से गंगोत्री और ऋषिकेश से संग्रहित पवित्र गंगा जल की बिक्री भी आरंभ की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच चल रहे एक एग्रीमेण्ट के तहत काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत 61 रूपये का मनीआर्डर प्रवर डाक अधीक्षक, वाराणसी (पूर्वी), उत्तर प्रदेश के नाम भेजना होता है और बदले में वहाँ से काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सौजन्य से मंदिर की भभूति, रूद्राक्ष, भगवान शिव की लेमिनेटेड फोटो और शिव चालीसा प्रेषक के पास प्रसाद रूप में भेज दिया जाता है।
निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी डाक द्वारा मंगाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्धन कमेटी, उज्जैन को 251 रूपये का मनीआर्डर करना पड़ेगा और इसके बदले में वहाँ से स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाता है। इस प्रसाद में 200 ग्राम ड्राई फ्रूट, 200 ग्राम लड्डू, भभूति और भगवान श्री महाकालेश्वर जी का चित्र शामिल है। डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि इस प्रसाद को प्रेषक के पास एक वाटर प्रूफ लिफाफे में स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जाता है, ताकि पारगमन में यह सुरक्षित और शुद्ध बना रहे। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के इन सर्वप्रमुख ज्योतिर्लिंग के दर्शन की कामना समस्त विश्व में भक्तों की होती है, लेकिन सभी के लिए यहाँ पहुँचकर भगवत आराधना करना संभव नहीं हो पाता और इसी बात को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग के माध्यम से भक्तों को शिव का सान्निध्य प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

Related Articles

Back to top button