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दीपावली की खरीददारी से बाजार में आएगा 2.5 लाख करोड़, कैट ने जताया भरोसा

रायपुर : दिवाली त्यौहार का फेस्टिवल सीजन इस बार देश भर के व्यापारियों के लिए व्यापार के बड़े अवसर लेकर आ रहा है और उम्मीद है कि दिवाली की त्यौहारी खरीद एवं अन्य सेवाओं के जरिये लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये की तरलता का बाजार में आने की संभावना है। कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि धन के इस पर्याप्त प्रवाह से व्यापारिक समुदाय को वित्तीय संकट से मुक्ति मिलने की भी उम्मीद है। दो वर्षों के बाद वर्तमान दिवाली उत्सव बिना किसी कोविड प्रतिबंध के मनाया जाएगा, जो उपभोक्ताओं को दिवाली के लिए खरीदारी करने के लिए देश के हर शहर में वाणिज्यिक बाजारों में आने के लिए प्रेरित कर रहा है। दिवाली का त्यौहारी खरीदी उत्सव नवरात्रि के दिन 26 सितंबर से शुरू हो चुका है और तुलसी विवाह के दिन 5 नवंबर तक चलेगा। कैट के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने कहा की 8 अक्टूबर को केंद्र सरकार द्वारा डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 12 अक्टूबर को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता-लिंक्ड बोनस (पीएलबी) देने की सरकार की घोषणा से बाजार में नकद प्रवाह को गति मिलेगी।

श्री पारवानी और श्री दोशी ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार, दिवाली उत्सव के कारोबार में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज करने की उम्मीद है दिवाली से संबंधित यात्राओं एवं अनु सेवाओं के उपयोग पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है। आॅटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन फाडा द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि की अवधि के दौरान आॅटोमोबाइल की कुल खुदरा बिक्री में 57 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई। वाहनों की सभी श्रेणियों में टू व्हीलर, थ्री व्हीलर, वाणिज्यिक वाहन, निजी वाहन और ट्रैक्टरों में क्रमश: 52 प्रतिशत, 115 प्रतिशत, 48 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 58 प्रतिशत की अत्यधिक उच्च वृद्धि हुई है। ये आंकड़े दिवाली उत्सव के दौरान अपेक्षित मजबूत कारोबार दिखाते हैं। एक अनुमान के अनुसार दिवाली त्योहार की अवधि के दौरान छोटे से लेकर उच्च श्रेणी के सभी प्रकार की वस्तुओं के लगभग 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान किया जाता है, जो दिवाली उत्सव की बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

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