
ति प्रणब मुखर्जी से दिल्ली में बिगड़े हालात की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से शिकायत में कहा है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को खुली चुनौती दे रही है।
पुलिस को उसके आका केंद्र सरकार ने ही पटियाला हाउस कोर्ट में बिगड़े हालात में चुप रहने का आदेश दिया, क्योंकि पुलिस अपने आप कुछ नहीं करते। ताकि जेएनयू मुद्दा बना रहे और देश सुलगता रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति के सामने तीन चिंताएं जाहिर की। केजरीवाल ने पूरे मामले में केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, भारत विरोधी नारे लगाने वालों के साथ कोई नहीं है।
दूसरा पटियाला हाउस कोर्ट में पिछले दो दिन की घटना की जानकारी भी राष्ट्रपति को दी। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को विशेष तौर पर आदेश दिया था कि पहले दिन जिस तरह से छात्र, शिक्षक व पत्रकारों के साथ मारपीट हुई, ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए।
ओपी शर्मा और गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं? इसका मतलब कोई किसी का कत्ल कर दे, पुलिस को कहे कि देश विरोधी नारे लगा रहे थे। तो माफ हो जाएगा। ये कौन सा नया कानून है। कौन तय करेगा कि देश के विरुद्ध क्या है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट बंद कर दो।
उनके आका जो आदेश देंगे, ये वही करेंगे। पुलिस को उनके आका केन्द्र सरकार ने कहा था कि चुप रहना, कुछ मत करना। इसका मतलब है कि केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को खुली चुनौती दी है कि हम आपका आदेश नहीं मानेंगे जो कर सकते हो कर लो।
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री।



