अपने ही देश के इन कानूनों को नही जनता कोई भारतीय

अपने ही देश के इन कानूनों को नही जनता कोई भारतीय
सार्वजनिक चुम्बन या गले लगना- भारतीय दंड संहिता की धारा 294 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से अश्लीलता करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इसमें चुंबन लेने या गले लगाने को लेकर कोई इशारा नहीं किया गया है। मॉरल पुलिसिंग करने वाले सावधान रहें।
गर्भवती महिलाओं के लिए :- मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के तहत किसी भी कारण से गर्भवती महिला को उसकी नौकरी से नहीं निकाला जा सकता है।
महिला पुलिस ही महिला को कर सकती है गिरफ्तार :- आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 51 के तहत किसी भी महिला को सिर्फ एक महिला पुलिस अधिकारी ही गिरफ्तार कर सकती है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि महिला की गोपनीयता और शालीनता की सुरक्षा की जा सके।
शौचालय का उपयोग :- भारतीय साराय अधिनियम, 1867 के तहत कोई भी व्यक्ति भारत के किसी भी होटल में निःशुल्क शौचालय की सुविधा मांग सकता है। इसके अलावा वह अपने और अपने पालतू जानवर के लिए पीने के पानी की मांग कर सकता है।
अविवाहित जोड़ों के लिए होटल रूम :- होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जो देश के किसी भी होटल में किसी अविवाहित जोड़ों को कमरे देने के रोकता हो। यानी यदि किसी लड़की या लड़के ने शादी नहीं की है, लेकिन वे किसी होटल में कमरा लेने के लिए जाते हैं, तो होटल उन्हें कमरा देने से इंकार नहीं कर सकता है।
महिलाओं की गिरफ्तारी पर :- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। यदि पुलिस के पास लिखित दस्तावेज है, जिसमें इस बात का प्रमाण हो कि उक्त महिला को उसी समय गिरफ्तार करना क्यों जरूरी है, तभी महिला को गिरफ्तार किया जा सकता है।



