जीवनशैली
नए दोस्त बनाने में ऐसे करें अपने बच्चों की मदद

दस्तक टाइम्स/एजेंसी:
बच्चों को अच्छे-बुरे की उतनी समझ नहीं होती उन्हें तो सब अपने जैसे लगते हैं। प्लेग्राउंड में तरह- तरह के बच्चे खेलते दिखते हैं। उनमें आपको कुछ ऐसी बातें मिलती हैं, जो आपके बच्चे में नहीं हैं। जबकि आपका बच्चा खुद में यूनिक है। अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने की बजाय इन बातों का रखिए ध्यान।
बच्चों को अच्छे-बुरे की उतनी समझ नहीं होती उन्हें तो सब अपने जैसे लगते हैं। प्लेग्राउंड में तरह- तरह के बच्चे खेलते दिखते हैं। उनमें आपको कुछ ऐसी बातें मिलती हैं, जो आपके बच्चे में नहीं हैं। जबकि आपका बच्चा खुद में यूनिक है। अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने की बजाय इन बातों का रखिए ध्यान।पहला, अपने बच्चे की कमजोरियों और ताकतों को समझने की कोशिश करिए। जब भी वे अपने किसी परेशानी के बारे में बताता है तो उसकी बात को पूरे पेशेंस के साथ सुनिए। बीच में ही लेक्चर देना शुरू मत करिए। उसका हौंसला बढ़ाने के लिए आप भी अपने बचपन की कोई बात उसे सुना सकते हैं। उसे बताएं कि जो कमजोरी उसकी है, वे और बहुत सारे लोगों की होती है। अपनी बात को बेहतर तरीके से समझाने के लिए किताबों और फिल्मों से कार्टून किरदारों की मदद ले सकते हैं।



